जातिप्रथा का अभिशाप
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कश्मीर के सारस्वत ब्राह्मण
कश्मीर के सारस्वतों की दो उप-शाखाएं हैंः
(क) जम्मू, जसरोता और उसके पड़ोस के पर्वतीय प्रदेश के सारस्वत ब्राह्मण, उच्च, मध्य और निम्न, तीन वर्गों में विभाहित हैं।
उच्च जातियां
(1) अमगोत्रे, (2) थाप्पे, (3) दुबे, (4) सपोलिए पाधे, (5) बडियाल, (6) केसर, (7) नाध, (8) खजूरे प्रहोत, (9) जामवाल, (10) वैद्य, (11) लव, (12) छिब्बर, (13) ओलिए, (14) मोहन, (15) बंभवाल।
मध्यवर्गी जातियां
(16) रैना, (17) सतोत्रे, (18) कतोत्रे, (19) ललोत्रे, (20) भंगोत्रे, (21) सम्नोत्रे, (22) कश्मीरी पंडित, (23) पंधोत्रे, (24) विल्हानोच, (25) बाडू, (26) कैरनाए, (27) दनाल पाधे, (28) माहिते, (29) सुघ्रालिए, (30) भाटियाड, (31) पुरोच, (32) अधोत्रे, (33) मिश्र, (34) पाराशर, (35) बवगोत्रे, (36) मंसोत्रे, (37) सुदाथिए।
निम्न जातियां
(38) सूदन, (39) सुखे, (40) भुरे, (41) चंदन, (42) जलोत्रे, (43) नभोत्रे, (44) खदोत्रे, (45) सगदोल, (46) भुरिए, (47) बगनाछल, (48) रजूलिए, (49) सांगदे, (50) मुंडे, (51) सुनाचल, (52) लधंजन, (53) जखोत्रे, (54) लखनपाल, (55) गौड़ पुरोहित, (56) शशगोत्रे, (57) खनोत्रे, (58) गरोच, (59) मरोत्रे, (60) उपाधे, (61) खिंधाइए पाधे, (62) कलंदरी, (63) जारद, (64) उदिहाल, (65) घोडे, (66) बस्नोत्रे, (67) बराट, (68) चरगट, (69) लवान्थै, (70) भरंगोल, (71) जरंघल, (72) गुहालिए, (73) धरियांचा, (74) पिंधाड, (75) रजूनिए, (76) बडकुलिवै, (77) श्रीखंडिए, (78) किरपाद, (79) बल्ली, (80) सुलर्न, (81) रतनपाल, (82) बनोत्रे, (83) यंत्रधारी, (84) ददोरिच, (85) भलोच, (86) छछियाले, (87) झंगोत्रे, (88) मगदोल, (89) फौनफान, (90) सरोच, (91) गुद्दे, (92) र्क्लि, (93) मंसोत्रे, (94) थम्मोत्रे, (95) थन्माथ, (96) ब्रामिए, (97) कुंदन, (98) गोकुलिए गोसांई, (99) चकोत्रे, (100) रोद, (101) बर्गोत्रे, (102) कावदे, (103) मगदियालिए, (104) माथर, (105) महीजिए, (106) ठाकरे पुरोहित, (107) गलहल, (108) चाम, (109) रोद, (110) लभोत्रे, (111) रेदाथिए, (112) पाटल, (113) कमानिए, (114) गंधर्गल, (115) पृथ्वीपाल, (116) मधोत्रे, (117) काम्बो,