सभ्यता या घोर असभ्यता 25
की समस्या उन्हें राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों से वंचित किए जाने की है तो उसे कानूनी तथा संवैधानिक उपायों से हल किया जा सकता है। उन्हें राजनीतिक तथा आर्थिक अधिकारों से वंचित किया गया है, उसका कारण है, उसका कारण हिंदुओं की सामाजिक मनोवृत्ति है। अस्पृश्यों की समस्या का सीधा संबंध हिंदुओं के सामाजिक व्यवहार से है। अस्पृश्यता तभी मिटेगी, जब हिंदू अपनी मनोवृत्ति बदलेंगे। समस्या यह है कि वह कौन-सा तरीका है, जिससे हिंदू अपनी जीवन-शैली को भुला दें। यह कोई छोटी-मोटी समस्या नहीं है कि कोई समूचा राष्ट्र अपनी बंधी-बंधाई जीवन-शैली को त्याग दे। जीवन-शैली के अलावा जिस शैली के आदी हिंदू हैं, वह ऐसी है जिसे उनका धर्म प्रमाणित करता है। जो भी हो, वे तो ऐसा ही सोचते हैं। उनकी जीवन-शैली को बदलना उनके धर्म को बदलने जैसा ही है।
यह कैसे हो सकता है? केवल तभी, जब यह अनुभव किया जाए कि अस्पृश्यों का त्रास ही हिंदुओं का अपराध है। हिंदुओं की धार्मिक मनोवृत्ति में इस क्रांति के लिए अस्पृश्यों को कितना इंजजार करना पड़ेगा? इसका उत्तर तो वही दें, जो भविष्यवाणी करने की योग्यता रखते हैं। इस बीच यह वांछनीय होगा कि उनकी दशा और उनके एवं उनके मित्रों के सामने आने वाली समस्याओं का वर्णन किया जाए।