निर्दिष्ट राजस्व बजट
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इन खर्चों की पूर्ति के लिए केन्द्रीय प्रांतों की सरकार को राजस्व के निम्नलिखित स्रोतों के इस्तेमाल का अधिकार दिया गया हैःµ
निर्दिष्ट राजस्व के शीर्ष 1876-77 में मानी गई विकास दर पर अनुमानित आय
अनुमानित आय
रु. रु. रु रु.
उत्पाद शुल्क 13,90,000 14,50,000 15,10,000 15,70,000
टिकट 9,70,000 9,75,000 9,80,000 9,85,000
कानून और न्याय 1,67,000 1,75,000 1,83,000 1,91,000
प्रकीर्ण बिलों पर प्रीमियम
विनिमय के न निकाले गए बिल्स
और 10,000 रु. से अधिक के
किसी में न शामिल किए गए
मद को छोड़कर 7,000 7,000 7,000 7,000
कुल रुपए - 26,07,000 26,80,000 27,53,000
संदर्भित उपरोक्त गजट में से संकलित
चूंकि ये राजस्व पर्याप्त नहीं थे अतः भारत सरकार ने साम्राज्यवादी कोष से निम्न नियतन द्वारा उन्हें पूरा करने का जिम्मा लियाःµ
वर्ष नियतन (रु.)
1877-78 19,63,000
1878-79 18,90,000
1879-80 18,17,000
निर्दिष्ट राजस्व पर लागू होने वाले उपबंध के कारण ये नियतन बदले जा सकते थे। उस उपबंध के आधार पर भारत सरकार को उनकी सामान्य आय के ऊपर होने वाली सम्मिलित वार्षिक आय की कुल वृद्धि का आधा हिस्सा लेना था और घाटे के आधे हिस्से की पूर्ति होनी थी, यदि वास्तविक सम्मिलित आय सामान्य से कम होती है और यदि सामान्य से अधिक आय होती है तो वृद्धि के आधे के बराबर नियतन को कम करना था और यदि घाटा होता है तो नियतन को घाटे के बराबर राशि से बढ़ाया जाना था।
बंबई
बंबई सरकार के प्रांतीय बजट ख्1, में निम्नलिखित खर्चे किए गएःµ
- भारत का गजट, भाग 1, दिनांक 4 अगस्त, 1877 पृष्ठ, 468