‘‘...यह मानना भूल होगी कि 1857 के गदर में परिलक्षित अकुशलता के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी समाप्त कर दी गई। इसके विपरीत वास्तव में गदर की घटना के पूर्व सम्राट द्वारा भारत सरकार का कार्यभार ग्रहण करने के बारे में बातचीत चलती रही थी...।
‘‘1857 में क्रीमियन युद्ध में अपनी सफलता के परिणामस्वरूप लार्ड पामर्स्टन भारी बहुमत से सत्ता में आए और उन्होंने तुरंत कंपनी के निदेशकों को कंपनी की समाप्ति के लिए एक विधेयक लाने तथा सम्राट द्वारा सीधे भारत सरकार की पूर्ण अवधारणा के प्रस्ताव की अधिसूचना से सबको आश्चर्यचकित कर दिया।’’
µडॉ. भीमराव अम्बेडकर