परिशिष्ठ - Page 195

स्स्पृश्यों तथा अस्पृश्यों के बीच एकता कानून के बल पर नहीं लाई जा सकती है। ... केवल प्रेम ही उन्हें एकता के सूत्र में पिरो सकता है।

-डॉ. भीमराव अम्बेडकर