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ऽकुशल और अर्ध-कुशल कार्मिकों के लिए
रोजगार कार्यालय
स्थायी श्रम समिति में विचार-विमर्श
7 और 8 मई को बंबई में स्थायी श्रम समिति की तीसरी बैठक में श्रमिक-कल्याण, युद्ध-उत्पादन, कुशल और अर्धकुशल कार्मिकों, औद्योगिक विवादों तथा श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं पर सांख्यिकीय सूचना एकत्र किए जाने संबंधी प्रश्नों पर विचार-विमर्श किया गया। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, श्रम-सदस्य, ने अध्यक्षता की।
कुशल और अर्धकुशल कार्मिकों के लिए रोजगार कार्यालय की स्थापना संबंधी योजना पर आम राय यह बनी कि इस योजना को एक स्वैच्छिक आधार पर चलाया जाए। रोजगार कार्यालयों से संलग्न सलाहकार समिति में प्रांतीय सरकारों के प्रतिनिधि हों - ऐसा भी एक सुझाव स्वीकार किया गया।
सरकारी अनुबंधों में उचित मजदूरी की शर्त जोड़ने के बारे में भी सम्मेलन में विचार किया गया। ये सुझाव भी थे कि लोक-निर्माण विभाग के अनुबंधों के अलावा अन्य अनुबंधों को भी शामिल किया जाए।
श्रम कानून
युद्ध के दौरान श्रम कानून तथा श्रम कल्याण की योजना में सामाजिक सुरक्षा, मजदूरी और कल्याण आदि पहलुओं पर और भारत में भी वेतन बोर्ड गठित करने की आवश्यकता के प्रश्न पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया गया कि सरकार की त्रिपक्षीय सम्मेलन व्यवस्था को श्रमिक कल्याण में मदद करने के लिए एक सलाहकार समिति के रूप में प्रयुक्त किया जाएगा।
ऽ इंडियन इनफार्मेशन, जून 1, 1943 पृष्ठ 431