सातवीं अनुसूची (अनुच्छेद 217) सूची 1-संघ सूची - Page 345

326 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

सूची 3 समवर्ती सूची

  1. दंड विधि जिसके अंतर्गत ऐसे सभी विषय हैं जो इस संविधान के प्रारंभ के

समय भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आते हैं, किन्तु इसके अंतर्गत सूची 1 या

सूची 2 में विनिर्दिष्ट विषयों में से किसी विकास से संबंधित विधियों के विरुद्ध

अपराध और सिविल शक्ति की सहायता के लिए नौसेना, सेना या वायुसेना

अथवा संघ के किसी अन्य सशस्त्र बल का प्रयोग नहीं है।

  1. दंड प्रक्रिया जिसके अंतर्गत ऐसे सभी विषय है जो इस संविधान के प्रारंभ पर

दंड संहिता के अंतर्गत है।

  1. बंदियों और अभियुक्त व्यक्तियों को एक राज्य से दूसरे राज्य को हटाया

जाना।

  1. सिविल प्रक्रिया, जिसके अंतर्गत परिसीमा विधि तथा इस संविधान के प्रारंभ की

तारीख को सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत आने वाली सभी विषय भी हैं,

करों और अन्य लोक मार्गों के संबंध में जिनके अंतर्गत भूर-ाजस्व की बकाया

और इस रुप में वसूलीय रकम भी है, उस राज्य के बाहर उत्पन्न होने वाले

दावों की पहली अनुसूची के भाग 1 और भाग 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी

राज्य में वसूली।

  1. साक्ष्य और शपथ, विधियों, लोक, कृत्यों और अभिलेखों तथा न्याययिक

कार्यवाहियों को मान्यता।

  1. विवाह और विवाह-विच्छेद, शिशु और अवयूक्क दत्तक ग्रहण।

* 7. बिल, निर्वसीयतता और उत्तरदाधिकार, अविभक्त कुटम्ब और विभाजन, वे

सभी विषय जिनके संबंध में न्यायिक कार्यवाहियों में पक्षकार इस संविधान के

प्रारंभ से ठीक पहले अपनी स्वीय विधि के अधीन थे।

  1. कृषि भूमि से भिन्न संपत्ति का अंतरण।

  2. न्यास और न्यासी।

* . समिति की राय है कि यदि पूरे भारत में उदहरणार्थ हिन्दुओं के लिए एक रूप स्वीय विधि होनी है तो इस समय इसमें शामिल सभी विषय समवर्ती सूची में रखा जाना चाहिए। इसलिए प्रभाव को बढ़ा दिया गया है।