अध्याय 3- वसीयती उत्तराधिकार - Page 783

768 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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अध्याय 3
वसीयती उत्तराधिकार

124. वसीयती उत्तराधिकारः

(1) कोई हिंदू वसीयत अथवा ऐसे अन्य वसीयती साक्ष्य द्वारा किसी संपत्ति को जिसके लिए वह ऐसा करने का अधिकारी है, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का

XXXIX ) के प्रावधानों के अनुसार अथवा अन्य कोई कानून जो उस समय चल रहा हो और हिंदुओं पर भी लागू हो, अपनी संपत्ति को प्रवृत कर सकता है।

(2) यहां दिए गए अधिकार किसी हिंदू को प्राधिकृत नहीं करते, µ

(क) किसी व्यक्ति को अपने अधिकार से वंचित करने से

जिसे इस संहिता याउस समय लागू कानून के तहत

भरण पोषण के लिए नामित किया गया है,

(ख) किसी ऐसी संपत्ति अथवा संपदा में अभिरुचि जिसमें

वह कानूनन नहीं रख सकता।

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भाग 3, धारा 1, पृष्ठ 12