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भाग 9
विविध
138. नियम बनाने की शक्तिः
(1) इस अधिनियम को लागू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार नियम बना सकती है।
(2) विशेषतः और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर विपरीत प्रभाव पड़े, ऐसे नियमों में व्याख्यायित हो सकता हैः-
(क) धार्मिक विवाहों से संबंधित दस्तावेज, जिन्हें हिंदू धार्मिक विवाह रजिस्टर में
दाखिल किया जाना हो और वे तरीके व परिस्थितियां जिनके तहत, ऐसी
प्रविष्टी की जाएगी।
(ख) वे मामले व क्षेत्र जिनमें धार्मिक विवाहों के दस्तावेजों की आवश्यक रूप
से प्रविष्टी की जाएगी और इसके विपरीत होने पर दी जाने वाली सजा।
(ग) वे क्षेत्र जिनके लिए विवाह पंजीयक की नियुक्ति की जाएगी तथा उसके
कर्तव्य व कार्य_
(घ) वह तरीका जिसमें हिंदू धार्मिक विवाह रजिस्टर तथा हिंदू सिविल मैरिज
सूचना पुस्तिका रखे जाएंगे तथा धारा 12 के तहत ऐसे विवाहों के लिए
सूचना प्रकाशन का तरीका_
(घ) धारा 21 के तहत आवेदन की सूचना दिए जाने का तरीका_
(च) किसी सिविल मैरिज अथवा ऐसे किसी कर्तव्य के लिए जो विवाह पंजीयक
द्वारा किया गया हो, दिया जाने वाला शुल्क_
(छ) निरीक्षण के लिए दिया जाने वाला शुल्क व हिंदू विवाह रजिस्टर व हिंदू
सिविल मैरिज प्रमाण-पत्र पुस्तिका के लेखे-जोखे की प्रमाणित नकल_
(ज) वे प्रारूप जिसमें व अंतराल जिसके अंदर हिंदू प्रमाणित विवाह रजिस्टर व
हिंदू सिविल मैरिज प्रमाण-पत्र पुस्तिका की नकलें जन्म, मृत्यु व विवाह
महा-पंजीयक को भेजी जाएंगी।
(झ) वे व्यक्ति जिसके द्वारा, वह प्रारूप जिसमें, तथा वह अधिकारी जिसे धारा
24 अ के तहत किसी विवाह की सूचना दी जाएगी_