41. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बारे में प्रस्ताव - Page 107

90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जो परिशिष्ट की मद (36) में विनिर्दिष्ट हैं,

( ii ) स्तंभ 1 में ‘‘दक्षिण मालेगांव-उत्तरी नन्दगांव’’ प्रविष्टि के सामने स्तंभ 2

में वर्तमान प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाएगी, अर्थात्

ः-

‘‘परिशिष्ट की मद (36) में जो विनिर्दिष्ट हैं मालेगांव के ऐसे गांव और नन्दगांव तालुका- ऐसे गांवों को छोड़ते हुए जो परिशिष्ट की मद (35) में विनिर्दिष्ट हैं; और

( iii ) स्तंभ 1 में ‘‘येवला नन्दगांव’’ प्रविष्टि के सामने स्तंभ 2 में ‘‘नन्दगांव

नगरपालिका क्षेत्र का लोप किया जाएगा।’’

प्रस्ताव अंगीकृत किया गया।

माननीय उपाध्यक्ष : इस विस्तार तक राष्ट्रपति का आदेश परिवर्तित होता है।

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क्या अन्य माननीय सदस्यों को, जिन्होंने अन्य संशोधन पटल पर रखे हैं, उन्हें वापिस लेने के लिए सदन की इजाजत है?

संशोधन इजाजत द्वारा वापिस लिए गए।

माननीय उपाध्यक्ष : बम्बई से संबद्ध राष्ट्रपति का संशोधन आदेश सदन द्वारा

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स्वीकृत संशोधनों के विस्तार पर परिवर्तित होता है।

*****

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डॉ अम्बेडकर : महोदय, मैं सूची सं. 1 और सूची सं. 3 में संशोधन सं. 3 प्रस्तावित करता हूँ।

संशोधन किया गयाः-

कि 20 सितंबर, 1951 को पटल पर रखे गए संसदीय और विधानमंडल निर्वाचन क्षेत्र (मध्य प्रदेश) (संशोधन) परिसीमन आदेश, 1951 में निम्नलिखित उपांतर किया जए, अर्थात् :-

कि आदेश के पैरा 3 के उप-पैरा ( i ) में ‘‘आयुध कारखाना; खमरिया, गन कैरिज कारखाना’’ शब्दों के स्थान पर ‘‘आयुध कारखाना खमरिया, गन कैरिज कारखाना संपदा’’ शब्द रखे जाएँ।

-(डॉ. अम्बेडकर)