- बुद्ध सेमिनरी बंगलौर में प्रारंभ की जाए। 425
- लैती की डांवाडोल प्रवृत्ति के कारण भारत से बुद्धधर्म
का लोप हुआ। 427 55. मैं आपका प्राण बचाने के लिए तैयार हूं बशर्तें कि....। 428 56. राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए नहीं होतीं अपितु
लोगों को शिक्षित, जागरूक और संगठित करने के लिए होती हैं। 431 57. ‘बुद्ध और उनका धम्म’ पुस्तक से संबंधित जवाहरलाल
नेहरू को एक पत्र। 440 58. भिक्खुओं को बुद्ध की सेवा उनके धम्म के प्रचारक
बनकर करनी चाहिए। 431 59. मुझे विश्वास करता है कि मेरे लोग भारत में बुद्धधर्म
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परिशिष्ट - I : क्रूर बल अस्पृश्यता को स्थिर नहीं रख पाएगा। 448 परिशिष्ट - II : मनुष्य की मनुष्य के प्रति अमानवीयता। 451 परिशिष्ट - III : रूढि़वादिता का उन्माद। 454 परिशिष्ट - IV : पूना संधि की पूर्वसंध्या पर गांधी-वल्लभ
भाई की बैठक। 456 परिशिष्ट - V : गोल मेज सम्मेलन और पूना संधि पर टिप्पणी। 460 परिशिष्ट - VI : डॉ अम्बेडकर द्वारा श्री गाँधी की कड़ी परीक्षा। 467 परिशिष्ट - VII ः डॉ. अम्बेडकर अमरीका में विस्तार चाहते थे। 469 परिशिष्ट - VIII ः इस समय डॉ. अम्बेडकर को लेखा
विभाग में परिवीक्षार्थी के रूप में कार्य करना चाहिए। 467 परिशिष्ट - IX : अपना ऋण वापस-अदा करने के लिए 471
शीघ्र कार्रवाई करें।
परिशिष्ट - X ः धर्म परिवर्तन पर डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा जारी 473
दिनांक 19.06.1936 के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया। 475
रियायत नीति (Discount Policy)
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