79. सत्याग्रह आंदोलन का पांचवा दिन - Page 364

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सत्याग्रह आंदोलन का पांचवा दिन
अनुसूचित जनजाति परिसंघ स्वयंसेवक गिरफ्तार
नागरिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध पर खेद प्रकट किया

सत्याग्रह आंदोलन के आज पांचवे दिन भी परिषद् हॉल के सामने अनुसूचित जातियों के स्वयं सेवकों का प्रदर्शन जारी रहा। एक घंटे के भीतर परिषद् प्रांगण के प्रवेष द्वार पर पहरे पर खड़ी पुलिस ने लगभग 70 स्वयं सेवकों को गिरफ्तार कर लिया था।

स्वयंसेवक चार से पांच के दलों में बारिश की फुहार में परिषद् हॉल के प्रांगण के बाहर नारे लगाते हुए आए।

आज सुबह उन 122 सत्याग्रहियों का मुकदमा यर्वदा जेल में चलाया गया जो कल प्रतिबंध की अवज्ञा के लिए गिरफ्तार किए गए थे। अपर नगर मजिट्रेट ने सभी को 25/- रुपये से 50/- रुपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई जिसके अदा न किए जाने पर 15 से 60 दिनों की साधारण कैद की सजा काटनी होगी। 13 महिला स्वयं सेवकों को हलकी सजा सुनाई गई।

पूना में परिसंघ के नेता श्री.बी.के. गायकवाड़, श्री पी.ए. राजभोज और श्री आर. आर. भोले ने मजिस्ट्रेट द्वारा कल बुलाई गई बैठक में पूना के जिला मजिस्ट्रेट को बताया कि वे अपने सत्याग्रह को चालू रखने के लिए किसी सशर्त प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते और ब्रिटिश सरकार द्वारा उन पर किए गए अन्याय के विरुद्ध और परिषद हॉल के आधे मील के क्षेत्र के भीतर जलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर कांग्रेस सरकार के प्रतिबंध के विरोध को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा प्रतिबंध जनता की पसंदीदा नागरिक स्वतंत्रताओं पर रोक लगाना है।

सत्याग्रह के आयोजकों के अनुसार, स्वयंसेवकों के नए दल जिन्होंने सत्याग्रह में भाग लेने का प्रस्ताव किया है वे प्रांत के विभिन्न भागों से पूना पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह के लिए स्वयंसेवकों की कमी नहीं होगी और वे अपना संघर्ष तब तक जारी रखने के लिए तैयार हैं जब तक वे अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते।