86. परिशिष्ट-XI - Page 400

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III

महोदय,

सामान्य विभाग के संलग्न यू.ओ.आर.सं. दिनांक 26 जुलाई, 1926 के संदर्भ में और उस पर डी.सी.पी. की हिदायतों पर, मैं निम्न रुप में निवेदन करता हूंः-

  1. बहिष्कृत हितकारिणी सभा का गठन मुद्रित पुस्तिका में दिया गया है जिसकी

प्रति संलग्न है।

  1. अध्यक्ष और छह उपाध्यक्ष ( वार्षिक रिपोर्ट में ध्वज ‘ ख ’ पर ) दलित वर्गों से

संबंधित नहीं है। प्रबंध परिषद् जिसके सभापति डॉ. अम्बेडकर हैं, उसमें

दलित वर्गों के लोग हैं।

  1. अभिदान निम्न प्रकार से हैः

क. वर्ग उनके लिए जो प्रति वर्ष रुपये 25 या अधिक अदा कर रहे हैं

ख. वर्ग उनके लिए जो प्रति वर्ष रुपये 10 या अधिक अदा कर रहे हैं

ग. वर्ग उनके लिए जो प्रति वर्ष रुपये 5 या अधिक अदा कर रहे हैं

घ. वर्ग उनके लिए जो प्रति वर्ष रुपये 3 या अधिक अदा कर रहे हैं

ड. वर्ग उनके लिए जो प्रति वर्ष रुपये 1 या अधिक अदा कर रहे हैं

ड. वर्ग की सदस्यता की संख्या अधिकाशतः लगभग 200 है। लगभग 10 एसोसिएट सदस्य हैं जिन्होंने रुपये 200 दलित वर्गों के कल्याण के लिए अदा किए थे। वे ठेकेदारों के वर्ग के हैं और दलित वर्गों के नहीं है।

  1. क्लार्क रोड़ पर पुस्तकालय 4 माह पूर्व बंबई सुधार न्यास, क्लार्ड रोड के

चॉल के दूसरे तल पर रुपये 7-3-0 के किराए के एक छोटे कमरे में खोला

गया था। यह बहुत गंदा कमरा था। जिसमे एक टूटा हुआ बैंच, एक टूटी

हुई अलमारी जिसमें कोई किताब नहीं थी, एक मेज और एक कुर्सी थी।

मेज पर पुराने अखबार जीर्ण-क्षीण अवस्था में विकृत रुप में पड़े थे। उनके

पास लगभग 64 पुस्तकें थीं जो अधिकांशतः मराठी भाषा में थीं; उनमें से

कुछ सदस्यों को जारी की गई थीं और अन्य दो ट्रंकों में रखी हुई थीं जो

सामाजिक सेवा लीग के थे।

सामाजिक सेवा लीग ने 200 पुस्तकों की आपूर्ति दो लोहे के ट्रंकों में की है जिनमें प्रत्येक में लगभग 100 पुस्तकें हैं। पुस्तकालय में अधिकांशतया पुस्तकें