HI/Volume_37 - Page 15

  1. 8.12.1935 मेरी योग्यता व प्रतिष्ठा मेरी कड़ी मेहनत व बुद्धि के फल हैं। 96
  2. 11/12.1.1936 हम कहीं भी रहें, हमें अपने कल्याण के लिए संघर्ष करना होगा। 97
  3. 13/14.4.1936 हिन्दू धर्म त्यागने का निर्णय लिया है। 99
  4. 1.5.1936 मैं सफलता के लिए अपनी आत्मा का बलिदान नहीं कर सकता। 100
  5. 17.5.1936 तुम्हारी मुक्ति व उन्नति के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक। 102
  6. 31.5.1936 मुक्ति का मार्ग क्या है? 107
  7. 2.6.1936 ... महारों और मांगों के बीच कोई भेद-भाव नहीं। 139
  8. 16.6.1936 आपको अपने शर्मनाक व्यवसाय को त्याग देना चाहिए। 141
  9. 8.11.1936 किसी षड्यंत्र का शिकार न बनें। 142
  10. 30.5.1937 हम अपने दुखों को जारी नहीं रख सकते। 148
  11. 31.7.1937 दलित वर्ग से कोई भी मंत्री नहीं है। 149
  12. 28.8.1937 हिंदू धर्म के भगवान की पूजा न करें। 150
  13. सितंबर 1937 साम्यवादियों ने मजदूरों का शोषण किया है। 154
  14. 30.12.1937 शोषकों के विरुद्ध सतर्क रहें। 155
  15. 31.12.1937 आत्मसम्मान और आत्मरक्षा आंदोलन के पास खोने के 156

लिए कुछ नहीं है, किंतु पाने के लिए सब कुछ है। 39. 1.1.1938 ईसाई राजनीतिक रूप से पीछे। 157 40. 1.1.1938 अछूतों के उत्थान के लिए कार्य करें। 158 41. 1.1.1938 लोकतंत्र में ऐसे सभी लोगों को सम्मान के साथ 159

सुना जाना चाहिए, जो सुनने लायक हैं।

  1. 10.1.1938 किसानों और कामगारों को अपनी गरीबी के 161

कारणों को समझना चाहिए।

  1. 15.1.1938 दलित वर्गों के हितों की रक्षा करें। 163
  2. 13.2.1938 ट्रेड यूनियनों को अपने हितों की रक्षा के लिए राजनीति 164

में प्रवेश करना चाहिए।

  1. 12.2.1938 चरित्रहीन और विनम्रताहीन शिक्षित व्यक्ति जानवर से 184

अधिक खतरनाक होता है।

  1. 19.3.1938 अछूतों को स्वयं प्रयास करने होंगे। 185
  2. 14.5.1938 शानदार जीवन जिएं। 186
  3. 22/23.10.1938 सरकार को दलित वर्गों की चिंता नहीं। 187
  4. 25.12.1938 विदेशी साम्राज्यवाद के सामने दुश्मन से लड़ने के 188

लिए संयुक्त राजनैतिक संगठन की जरुरत।

  1. 30.12.1938 अपनी शिकायतें मेरे पास भेजें। 191
  2. 8.1.1939 उत्तम चरित्र के व्यक्ति बनें। 192