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129 10.5.1938 चुने गए लोग अपना काम करते हैं

या नहीं इस पर ध्यान रखें 129 130 11.5.1938 ...तो अपनी अलग यूनियन बनाएं 131 131 14.5.1938 अपने न्यायपूर्ण अधिकार पाने के लिए युवाओं को अपनी जान

न्यौछावर करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए 133 132 15.5.1938 बहुसंख्यक किसान और मजदूर वर्ग को देश का

असली सत्ताधारी वर्ग बनना चाहिए 137 133 16.5.1938 जीवन में सर्वोच्च स्थान पाने की महत्वाकांक्षा पालिए 141 134 20.5.1938 जमींदारी खत्म करने का बीड़ा मैंने उठाया है 144 135 21.5.1938 अपनी पार्टी के सदस्य बनें, अपनी पार्टी की ताकत बढ़ाएं 146 136 22.5.1938 आपसी पफूट के कारण काम नहीं बनते 148 137 17.6.1938 ब्रह्ममदेव भी चाहें तो हमारी राजनीतिक उन्नति

रोक नहीं सकते 150 138 19.6.1938 औरों का मुंह ताकने वालों का काम अधूरा रह जाता है 155 139 4.8.1938 महाराष्ट्र के लोग क्यों पिछड़ जाते हैं? 158 140 5.8.1938 गंदगी जिन्होंने पफैलाई वही उसे सापफ करें 164 141 19.9.1938 लंबे समय तक मेहनत और कोशिश करने से ही

सपफलता मिलती है 168 142 15.9.1938 जनतंत्र की विंडबना है कामगारों को बंधक बनाना 176 143 16.10.1938 पूंजीपतियों की कृपा से मेहनतकशों का कल्याण

होना असंभव है 190 144 22/23.10.1938 जब महात्माजी से मेरी मुलाकात हुई थी.... 192 145 26.10.1938 राजनीति में बोला हुआ तुरंत भूल जाना चाहिए 197 146 6.11.1938 मालिकों-मजदूरों के झगड़े मिटानेवाला कानून

असल में मजदूरों का बेड़ा गर्क करने वाला कानून है 200 147 7.11.1938 हर हाल में मजदूरों के प्रतिनिधियों को ही चुनना होगा 203 148 3.12.1938 स्वतंत्र लेबर पार्टी का प्रभाव 205