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अस्पृश्यता अथवा

भारत की बहिष्कृत बस्तियों

के प्राणी

अंग्रेजी में यह दो सौ आठ पेज की पांडुलिपि (दूसरी प्रति) है, जिसका शीर्षक है ‘अनटचेबल्स और दि चिन्ड्रेन ऑप इंडियाज घेट्टो’ (अस्पृश्यता अथवा भारत की बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी)। यह पूरी पांडुलिपि स्वयं में एक स्वतंत्र पुस्तक स्वरूप है। इसके साथ एक विषय-सूची मिलती है, जो चार खंडों में है। यह आगे चौदह अध्यायों में विभक्त है। इन अध्यायों के क्रम में थोड़ा संशोधन करना पड़ा, जिससे उसे विषय-सूची के अनुसार रखा जा सके। अध्यायों के शीर्षकों में कुछेक संशोधनों को छोड़कर, लेखक ने बाकी सारी सामग्री में कहीं कोई संशोधन नहीं किया है-संपादक