6 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पैडी। वह उसे बेहद प्यार करते हैं। पैडी को स्कॉच शिकारी कुत्ते नापसंद हैं।
इस जाति का कोई कुत्ता उसके आस-पास बीस गज दूर से भी नहीं निकल
सकता और कोई दिख जाता है तो वह भूंक-भूंककर आसमान सिर पर उठा
लेता है। उसकी यह बात जॉन स्मिथ को बेहद बुरी लगती है और वह उसे
चुप करने का हर संभव प्रयत्न भी करते हैं, क्योंकि पैडी जिन कुत्तों से नफरत
करता है, वे बेचारे चुपचाप रहते हैं और कभी भी पहले नहीं भूंकते। मेरा
दोस्त, हालांकि पैडी को बहुत प्यार करता है, तो भी वह यह सोचता है और
जैसा कि मैं भी सोचता हूं, कि पैडी की यह आदत बहुत कुछ उसके किसी
जाति-विशेष होने पर उसके स्वभाव के कारण है। हमसे किसी ने यह नहीं
कहा कि यहां जो समस्या है, वह स्कॉप शिकारी कुत्ते की समस्या है और
जब पैडी अपने पास के किसी कुत्ते पर झपटता है जो बेचारा टट्टी-पेशाब
वगैरह के लिए जमीन सूंघ-सांघ रहा होता है, तब उस कुत्ते को क्या इसलिए
मारना-पीटना चाहिए कि वह वहां अपने अस्तित्व के कारण पैडी को हमला
करने के लिए उकसा देता है।
हम देखते हैं कि यहूदी समस्या और अस्पृश्यों की समस्या एक जैसी है। स्कॉच शिकारी कुत्ते के लिए जैसा पैडी है, यहूदियों के लिए वैसा कोई ईसाई है और वैसा ही अस्पृश्यों के लिए कोई हिंदू हैं। किंतु एक बात में यहूदियों की समस्या और ईसाई समस्या एक-दूसरे की विरोधी है। यहूदी और ईसाई अपनी प्रजाति के एक-दूसरे के शत्रु होने के कारण एक-दूसरे से अलग कर दिए गए हैं। यहूदी प्रजाति ईसाई प्रजाति के विरुद्ध है। हिंदू और अस्पृश्य इस प्रकार की शत्रुता के कारण एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। उनकी एक ही प्रजाति है और उनके एक जैसे रीति-रिवाज हैं।
दूसरी बात यह है कि यहूदी, ईसाइयों से अलग-अलग रहना चाहते हैं। इन दो तथ्यों में से पहले तथ्य अर्थात् यहूदियों और ईसाइयों में वैर-भाव का आधार यहूदियों की अपनी प्रजाति के प्रति कट्टर भावना है और दूसरा तथ्य ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित लगता है। प्राचीन-काल में ईसाइयों ने यहूदियों को अपने साथ मिलाने के कई प्रयत्न किए, लेकिन यहूदियों ने इसका सदा प्रतिरोध किया। इस संबंध में दो घटनाएं उल्लेखनीय हैं -
पहली घटना नेपोलियन के शासन-काल की है। जब फ्रांस की राष्ट्रीय असेम्बली इस बात के लिए सहमत हो गई कि यहूदियों के लिए ‘मानव के अधिकार’ घोषित किए जाएं, तब अलसाके के व्यापारी संघ और प्रतिक्रियावादी पुरोहितों ने यहूदी प्रश्न को फिर उठाया। इस पर नेपोलियन ने इस प्रश्न को यहूदियों को उनके द्वारा