Hindu Code Bill and its purpose—By Dharmadeo Vidyavachaspati in Hindi - Page 554

Annexure II
(हिन्दू कोड बिल पर कुछ विचार-1)

हिन्दू कोड बिल हिन्दुत्व का रक्षक है

पं- धर्मदेव विद्यावाचस्पति
¹वेदों क सुप्रसिद्ध विद्वान् पं- धर्मदेव विद्यावाचस्पति उन थोड़े से व्यक्तियों में हैं जिनके जीवन का अधिकांश समय वेदों एवं आर्यों के प्राचीन धार्मिक ग्रन्थों के अनुशीलन और अनुसन्धान में बीता है। पिछले दिनों उनकी एक लेखमाला दिल्ली के सुप्रसिद्ध हिन्दी दैनिक "वीर अर्जुन" में प्रकाशित हुई थी जिसमें उन्होंने प्राचीन स्मृतियों, वेदों तथा शास्त्रें के प्रमाण एवं उद्धरण देकर हिन्दू बिल के विविध विधानों का सारर्भित विवेचन किया है । विचारशील पाठकों के लिए "वीर अर्जुन" की स्वीकृति से यह लेख माला यहां पुन: प्रकाशित की जा रही हैह्
भारत सरकार के विधान-सचिव माननीय डा- भीमराव अम्बेडकर द्वारा भारतीय राष्ट्र संसद् व पार्लियामेण्ट में प्रस्तुत ‘हिन्दू कोड बिल’ के विरुद्ध घोर आन्दोलन किया जा रहा है । देहली में भी एक हिन्दू कोड विरोधी सम्मेलन हो चुका है जिसमे मुख्य नारा यह लगाया गया कि इससे धर्म तथा संस्कृृति का सर्वनाश हो जायेगा। मैं प्रारम्भ में ही इस बात को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैं हिन्दू कोड बिल का सर्वांश में समर्थक नहीं हूँ। इसमें अनेक संशोधनों की आवश्यकता है, ऐसा भी मेरा विचार हैं किन्तु मुझे यह देख कर दुख होता है कि इस बिल के सम्बन्ध में असत्य प्रचार बहुत अधिक किया जा रहा है । प्राय: इसके विरोधी ऐसे हैं जिन्होंने ध्यानपूर्वक बिल की धाराओं को पढ़ने का कभी कष्ट नहीं उठाया और वे ‘हिन्दूधर्म और संस्कृति संकट में’ इस नारे को लगा कर सर्वसाधारण जनता को उत्तेजित करने का अनुचित प्रयत्न कर रहे हैं । मैं स्वयं वेदादि सत्यशास्त्रें में दृढ़ विश्वास रखने वाला हँू और इसलिए शास्त्रीय दृष्टि से भी इस बिल में प्रस्तुत प्रस्तावों का मैंने अनुशीलन किया है जिसका परिणाम मैं जनता के सन्मुख रखने का प्रयत्न करूंगा। किंतु मैं इस प्रथम लेख में यह दिखाना चाहता हूँ कि इस ‘हिन्दू कोड बिल’ के निर्माता या समर्थक ‘हिन्दू धर्म’ और संस्कृति का नाश करना चाहते हैं, उन्हें ‘हिन्दू धर्म’ से कोई प्रेम नहीं इत्यादि जो अप्रचार किया जा रहा है वह कितना असत्य है ?