1332 DR. BABASAHEB AMBEDKAR : WRITINGS AND SPEECHES
इस बिल की धारा 78 में लिखा है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति इस धारा के विध ानों के अधीन किसी नाबालिग का वली (संरक्षक) होने का अधिकार नहीं रखेगा :
(अ) ‘यदि वह हिन्दू धर्म को त्याग चुका है’ इत्यादि ।
धारा 81 में ‘स्वाभाविक बली का अधिकार सत्ता का खण्डन’ शीर्षक के नीचे लिखा है-जहां पर कि किसी नाबालिग हिंदू का स्वाभाविक वली ऐसे नाबालिग की संरक्षकता किसी दूसरे व्यक्ति को दे देता है, वह निम्न अंकितों को छोड़ कर खण्डन योग्य होगा:
(क) जहां पर कि उसको खण्डित करने की स्वीकृति देना नाबालिग के हित लाभ के लिए नहीं है अथवा (ख) जहां पर कि स्वाभाविक वली हिंदू धर्म को त्याग चुका है।
धारा 83 में लिखा है- "किसी नाबालिग हिंदू के वली का कर्त्तव्य होगा कि वह ऐसे नाबालिग का हिंदू के रूप में पालन-पोषण करे"।
गोद लेने के विषय मेंं विधवा के अधिकार की समाप्ति विषयक धारा 61 में लिखा है कि एक विधवा का गोद लेने का अधिकार समाप्त हो जाता है:
(क) जब कि वह पुनर्विवाह कर लेती है।
(ख) जब हिंदू धर्म को त्याग देती है। गोद देने की योग्यता रखने वाले व्यक्ति इस शीर्षक की धारा 62, उपधारा (3) में लिखा है कि माता बच्चे को गोद दे सकेगी:
(क) यदि बच्चे का पिता मर चुका है।
(ख) यदि वह पिता हिन्दू धर्म को त्याग चुका है इत्यादि। प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) की रिपोर्ट में ऊपर उद्धत धारा 78 के विषय में सदस्यों ने लिखा है कि ‘हम समझते हैं कि जो व्यक्ति हिन्दू धर्म को या इस संसार को त्याग चुका है उसे किसी नाबालिग हिन्दू का स्वाभाविक वली (संरक्षक) बनने का अधिकार न होना चाहिए।’
पत्नी का भरण-पोषण, इस शीर्षक की धारा 126 में लिखा है कि निम्नलिखित दशाओं में जीविका प्राप्त करने के अपने अधिकार से वंचित हुए बगैर भी उससे अलग रहने का एक हिंदू पत्नी अधिकार रख सकती है यदि (ए) वह धर्म परिवर्तन द्वारा अन्य धर्मावलम्बी बन कर अहिंदू बन चुका है इत्यादि। उपधारा (3) में लिखा है कि यदि कोई हिंदू पत्नी अपतिव्रता है अथवा धर्म परिवर्तन द्वारा अन्य धर्मावलम्बी बन कर अहिंदू बन चुकी है, तो उस हालत में उसे अलग रहने तथा भरण-पोषण हासिल करने का अधिकार नहीं होगा।
धारा 120 का धर्मपरिवर्तन करने वाला दाय ग्रहण की योग्यता नहीं रखता, इस शीर्षक के नीचे लिखा है कि जहां इस कोड के प्रारम्भ होने से पहिले या बाद कोई हिंदू धर्म परिवर्तन करके अन्य धर्मावलम्बी बन जाने के कारण हिंदू न रह गया हो या अहिन्दू बन चुका हो तो इस प्रकार के धर्म परिवर्तन के पश्चात् उस पुरुष या उस स्त्री से जो बच्चे उत्पन्न होंगे, तथा उनकी सन्तान अपने किसी हिन्दू सम्बन्धी की सम्पत्ति को