55. Obituaries reference—Demise of Dr. B. R. Ambedkar - Page 999

980 DR. BABASAHEB AMBEDKAR : WRITINGS AND SPEECHES

sense of confidence. I believe if he had not been there, perhaps

my part of the country would not have been what it is today.

I am sure in paying our respect to his memory and in

trying to do honour to him by adjourning to day, we only

pay the great debt that many of us owe to him for the great

services that he has rendered to our society.

श्री- वि- घ- देशपांडे (गुना) : अध्यक्ष महोदय, मैं समझता हुं कि डा- अम्बेडकर के निधन समाचार से केवल संसद् में ही नहीं बल्कि समुचे राष्ट्र भर में एक दुख की लहर फैल जायेगी । डा- अम्बेडकर ने भारत का बिधान बनाया था और उसको तैयार करने में उन्होेंने अधिक परिश्रम और योग्यता का परिचय दिया । इसके अतिरिक्त डा- अम्बेडकर हिन्दू समाज के एक महान नेता थे हालांकि डा- अम्बेडकर ने हिन्दू समाज पर बडे़ प्रहार किऐ, तीखे और कड़वे प्रहार किये, लेकिन मैं समझता हूूं कि उसका भी एक कारण था कि, डा- अम्बेडकर का जन्म जिस जाति में हुआ था उसके प्रति सवर्ण हिन्दुओं ने बहुत पाप किये है और उन पापों को देखने के पश्चात डा- अम्बेडकर का कभी इतना तीक्ष्ण होना समझ में आ सकता है और यह भी हमारे पापों का फल है ऐसा मैं मानता हूं ।
डा- अम्बेडकर की योग्यता और पांडित्य इतना ऊंचा था और इतना महान था कि मैं समझता हूं कि दूसरे किस कारण से नहीं तो इसलिए कि उनका व्यक्तित्व इतना महान था कि जिस को ले कर उन्होंने अस्पृश्यता के विरफ़द्ध इतना घोर संग्राम किया, डा- अम्बेडकर को मान देना अत्यावश्यक था । डा- अम्बेडकर ने अस्पृश्यता निवारण के लिए जो जीवन पर्यन्त प्रयत्न किये वह कभी भुलाये नहीं जा सकते और हालांकि उनके पहले से अस्पृश्यता निवारण का आन्दोलन किसी न किसी रफ़प में इस देश में चलता आया है पर अस्पृश्य लोगों को एक मनुष्य के नाते खडे़ हो कर लड़ने और झगड़ने का काम अगर किसी ने सिखाया तो यह डा- अम्बेडकर ने सिखाया और उन्होंने हिन्दू समाज के इस पददलित वर्ग को उठाया और उनको बनाया कि वे भी दूसरों की तरह इन्सान हैं और इस नाते अस्पृश्य लोगों के प्रति की गई उनकी सेवाओं को देश कभी नहीं भुला सकेगा । आज हमारे बीच से एक महान नेता उठ गया है और मैं समझता हूं कि उनकी मृत्यु से जो स्थान रिक्त हुआ है उसकी पूर्ति निकट भविष्य में होनी, मुश्किल नजर आती है । सदन के नेता ने जो उनकी मृत्यु पर दु:ख प्रदर्शित किया है उसमें मैं पूरी तरह उनका साथ देता हूं ।

Shri Frank Anthony (Nominated Ango-Indian): I would

like to associate the Independent Group with the sentiments

that have fallen from the Leader of the House.

It has been my privilege to know Dr. Ambedkar for many

years, and I feel that no adequate tribute can be paid to him

in the course of a few minutes. He was a versatile mind. He

was not only a deep, but a profound scholar, and, as the Leader

of the House said, he was a controversial figure. But what