3. महाराष्ट्र : एक भाषावार प्रांत - Page 141

124 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

  1. ऊपर दिए गए आंकड़ों से महाराष्ट्र (चाहे उसके संक्षिप्त रूप से तुलना करें, चाहे विस्तृत रूप से) की तुलना करने पर स्पष्ट हो जाता है कि महाराष्ट्र प्रांत संयुक्त राज्य अमरीका के क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटे राज्य की तुलना में कई गुना बड़ा ठहरता है। इसी तरह संयुक्त राज्य अमरीका के ही जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े राज्य न्यूयार्क से तुलना करने पर भी वह बहुत बड़ा होगा।

  2. भारत के ही अन्य वर्तमान और संभावित भाषावार प्रांतों से महाराष्ट्र की तुलना करना भी उपयोगी होगा। क्षेत्रफल, जनसंख्या और राजस्व की दृष्टि से उनकी स्थिति इस प्रकार है :

प्रांत­ क्षेत्रफल­ जनसंख्या­ वार्षिक राजस्व­

वर्तमान भाषावार प्रांत­ ­ ­ ­ संयुक्त प्रांत­ 106,247­ 5,50,20,617­ 32,65,08,000­ बिहार­ 69,745­ 3,63,40,151­ 16,26,78,000­ उड़ीसा­ 32,198­ 82,28,544­ 4,60,62,000­ नए भाषावार प्रांत­ ­ ­ ­ आंध्र ­ 70,000­ 1,90,00000­ ....­ कर्नाटक­ 25,000­ 45,00,000­ ....­ केरल­ 6,000­ 35,00,000­ ....­

उपर्युक्त आंकड़ों की महाराष्ट्र के आंकड़ों से तुलना करने पर इस बात में किसी प्रकार का संदेह नहीं रह जाता है कि महाराष्ट्र न केवल एक सक्षम प्रांत होगा, बल्कि वह क्षेत्रफल, जनसंख्या और राजस्व की दृष्टि से भी एक सबल प्रांत सिद्ध होता है।

भाग III
महाराष्ट्र को संघीय प्रकृति वाला प्रांत होना चाहिए
या एकात्मक प्रकृति वाला ?
  1. अब मैं उन बिन्दुओं पर आता हूं, जिनके बारे में वाद - विवाद है। एक प्रांत के रूप में महाराष्ट्र के एकीकरण के बारे में किसी तरह का विवाद नहीं है। हां, इसके बारे में मतभेद अवश्य है कि यह एकीकरण किस तरह का हो। एक मत यह है कि नए महाराष्ट्र प्रांत का स्वरूप एकात्मक होना चाहिए, अर्थात् उसकी केवल एक धारा सभा हो और केवल एक ही कार्यपालिका। दूसरी विचारधारा वालों का मत है कि