अनुक्रमणिका - Page 298

अनुक्रमणिका

प्रकाशन, श्री, 164­

प्रसाद, डा. राजेन्द्र,164­

फुले, ज्योतिबा, 271­

बंबई, 44, 49, 50, 54, 130, 186, 187; अतिरिक्त­ आय पर महाराष्ट्र की दृष्टि 150-151; और­ इतिहास का निर्णय (अधिमत), 139-141;­ ईस्ट इंडिया कंपनी परिषद, 74; आर्थिक­ निर्भरता, 157; की स्थिति, 188-193; के बारे­ में निर्णय, 138; के बारे में प्रस्ताव, 138; के बारे­ में विवाद, 137-139; गुजराती क्या बंबई के­ मूलवासी हैं?,142-147; गुजराती, के व्यापार­ और उद्योग के मालिक, 148-150; पूरे भारत­ का व्यापार केंद्र, 147-148; बृहत्तर, प्रस्ताव­ का उद्देश्य, 157-158; भूगोल का निर्णय­ (अभिमत), 140-141; महाराष्ट्र और, 137-­ 158; महाराष्ट्र से अलग रखने का आधार,­ 138-139;महाराष्ट्र में, को सम्मिलित करने के­ प्रस्ताव के विपक्ष में दलीलें, 151-158; संयुक्त­ या विभाजन, 194-198­ बंगाल, 182; के अछूत 67;पश्चिमी, 130­ बकिल, 254­

बनर्जी, डब्ल्यू सी, 56, 58, 59­

बनारस, 182­

बलाई अछूत जाति, 57­

बर्क, 101, 104, 267­

बहुसंख्यक, तथा अल्संख्यक, 202-205­ बाईबल, 110, 120, 265­

बाल्फोर, 122, 278­

बाल विवाह, 2733, 59, 465, 270­ बिस्मार्क, 278­

बिहार, 130, 149, 181, 184; का विभाजन, 185­

बुद्ध, भगवान, 62, 263­

बुद्धिजीवी वर्ग, 122, 162, 264, 265, 270­ वेटसन, प्रो. की ‘मेडल्सि प्रिंसिपल्स आफ हैरिडिटी‘,­ पुस्तक, 69­

बोलाराम, 207, 208­

ब्राइस, 175, 285, 287­

281

ब्राह्मण 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35, 54, 67, 72,­ 73-74, 80-86, 99, 108, 113, 116-117,­ 122,143, 182, 192, 262, 263, 264, 265;­ उप-शाखाएं, 71; पंजाब के 67, ; मद्रास के, 67­

ब्राह्मणवाद, 46­

भंडारकर, डी. आर., 67­ मद्रास : अछूत, 67, पेरिया, 67; ब्राह्मणप, 67­

भाई परमानंद, 43­

भारतीय देशवासियों के लिए विदेशों में भ्रमण या यात्रा की स्वतंत्रता, 270­ भाषा ; क्या एक भाषा के लिए एक ही राज्य होना आवश्यक है?, 179-181; प्रांतीय, 132,133­

भाषावाद; की परकाष्ठा, 175-176; की सीमितताएं, 173-174,176-184­ भाषावार प्रांत, 163-167; क्या भाषावार प्रांतों का ­निर्माण स्थगित किया जा सकता है?, 130; के­ निर्माण से लाभ, 129-130; के निर्माण की­ समस्या, 127-133, के निर्माण से उत्पन्न होने­ वाली कठिनाइयां, 127-129; के पुनर्गठन­ की मांग का प्रयोजन, 127­ भाषावार राज्य, 173-208, : उत्तर बनाम दक्षिण,­ 181-184; पक्ष-विपक्ष, 176-179; की­ समस्याएं, 200-205; समस्या के सिद्ध ांतों का­ सारांश, 199-200­ भूमि राजस्व, 201­

मध्य प्रदेश, 181,184; का विभाजन, 185-186­

मध्य भारत, 130­

मद्यनिषेध, 201­

मनु, 96-97, 98, 128-129, 263­ ‘मनुस्मृति‘, 97­

मराठी-भाषी जनता; बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक, 141­

‘महाभारत‘, 97,108­

महार जाति (महार), 253-254; की भर्ती पर­