अनुक्रमणिका
प्रकाशन, श्री, 164
प्रसाद, डा. राजेन्द्र,164
फुले, ज्योतिबा, 271
बंबई, 44, 49, 50, 54, 130, 186, 187; अतिरिक्त आय पर महाराष्ट्र की दृष्टि 150-151; और इतिहास का निर्णय (अधिमत), 139-141; ईस्ट इंडिया कंपनी परिषद, 74; आर्थिक निर्भरता, 157; की स्थिति, 188-193; के बारे में निर्णय, 138; के बारे में प्रस्ताव, 138; के बारे में विवाद, 137-139; गुजराती क्या बंबई के मूलवासी हैं?,142-147; गुजराती, के व्यापार और उद्योग के मालिक, 148-150; पूरे भारत का व्यापार केंद्र, 147-148; बृहत्तर, प्रस्ताव का उद्देश्य, 157-158; भूगोल का निर्णय (अभिमत), 140-141; महाराष्ट्र और, 137- 158; महाराष्ट्र से अलग रखने का आधार, 138-139;महाराष्ट्र में, को सम्मिलित करने के प्रस्ताव के विपक्ष में दलीलें, 151-158; संयुक्त या विभाजन, 194-198 बंगाल, 182; के अछूत 67;पश्चिमी, 130 बकिल, 254
बनर्जी, डब्ल्यू सी, 56, 58, 59
बनारस, 182
बलाई अछूत जाति, 57
बर्क, 101, 104, 267
बहुसंख्यक, तथा अल्संख्यक, 202-205 बाईबल, 110, 120, 265
बाल्फोर, 122, 278
बाल विवाह, 2733, 59, 465, 270 बिस्मार्क, 278
बिहार, 130, 149, 181, 184; का विभाजन, 185
बुद्ध, भगवान, 62, 263
बुद्धिजीवी वर्ग, 122, 162, 264, 265, 270 वेटसन, प्रो. की ‘मेडल्सि प्रिंसिपल्स आफ हैरिडिटी‘, पुस्तक, 69
बोलाराम, 207, 208
ब्राइस, 175, 285, 287
281
ब्राह्मण 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35, 54, 67, 72, 73-74, 80-86, 99, 108, 113, 116-117, 122,143, 182, 192, 262, 263, 264, 265; उप-शाखाएं, 71; पंजाब के 67, ; मद्रास के, 67
ब्राह्मणवाद, 46
भंडारकर, डी. आर., 67 मद्रास : अछूत, 67, पेरिया, 67; ब्राह्मणप, 67
भाई परमानंद, 43
भारतीय देशवासियों के लिए विदेशों में भ्रमण या यात्रा की स्वतंत्रता, 270 भाषा ; क्या एक भाषा के लिए एक ही राज्य होना आवश्यक है?, 179-181; प्रांतीय, 132,133
भाषावाद; की परकाष्ठा, 175-176; की सीमितताएं, 173-174,176-184 भाषावार प्रांत, 163-167; क्या भाषावार प्रांतों का निर्माण स्थगित किया जा सकता है?, 130; के निर्माण से लाभ, 129-130; के निर्माण की समस्या, 127-133, के निर्माण से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयां, 127-129; के पुनर्गठन की मांग का प्रयोजन, 127 भाषावार राज्य, 173-208, : उत्तर बनाम दक्षिण, 181-184; पक्ष-विपक्ष, 176-179; की समस्याएं, 200-205; समस्या के सिद्ध ांतों का सारांश, 199-200 भूमि राजस्व, 201
मध्य प्रदेश, 181,184; का विभाजन, 185-186
मध्य भारत, 130
मद्यनिषेध, 201
मनु, 96-97, 98, 128-129, 263 ‘मनुस्मृति‘, 97
मराठी-भाषी जनता; बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक, 141
‘महाभारत‘, 97,108
महार जाति (महार), 253-254; की भर्ती पर