5. जातिप्रथा का अभिशाप - Page 130

जातिप्रथा का अभिशाप

115

(12) धतूरा, (13) पनौली, (14) नदौली अथवा तंदौली, (15) बुढि़यावारी,

(16) गुरौली, (17) जोगिया, (18) दीक्षित, (19) सोनौरा, (20) अगोरी,

(21) भार्गव, (22) बकिया, (23) कुकुरगरिया, (24) दामा, (25) गोपाल,

(26) गोवर्धन, (27) तुके, (28) चत्तू, (29) शिवाली, (30) शखाराज,

(31) उमारी, (32) मनोहा, (33) शिवराजपुर, (34) मंधना, (35) सापे,

(36) मंडन त्रिवेदी, (37) लाहिरी त्रिवेदी, (38) जेठी त्रिवेदी।

दुबे

दुबे ब्राह्मणों की निम्न उप-शाखाएं हैंः

(1) कंचनी, (2) सिंघव, (3) बेलवा, (4) परवा, (5) करैया,

(6) बरगैनिया, (7) पंचनी, (8) लथियाही, (9) गुर्दवन, (10) मेथीवार,

(11) बरहमपुरिया, (12) सिंगिलवा, (13) कुचाला, (14) मुंजालव,

(15) पालिया, (16) धेगवा, (17) सिसरा, (18) सिनानी, (19) कुदावरिये

(20) कटैया, (21) पनवा।

पाठक

पाठकों की निम्न उप-शाखाएं हैंः

(1) सोनारा, (2) अम्बतारा, (3) पाटखवालिया, (4) दिगावच,

(5) भदारी।

पांडे

पांडे ब्राह्मणों की निम्न उप-शाखाएं हैंः

(1) त्रिफला त्रिफल, (2) जोरव, (3) मतैन्य, (4) तोरया, (5) नकचौरी,

(6) परसिहा, (7) सहन्कोल, (8) बरहादिया, (9) गेगा, (10) खोरिया,

(11) पिचौरा, (12) पिचौरा पयासी, (13) जुतीय या जात्य, (14) इतार

अथवा इंतार, (15) बेश्तोल, (16) चारपंद, (17) सिला, (18) अधुर्ज,

(19) मदारिया, (20) मजगाम, (21) दिलीपापर, (22) पाह्यत्या,

(23) नगव, (24) तालव, (25) जम्बू।

उपाध्याय

उपाध्यायों की दस उप-शाखाएं हैंः

(1) हारैण्य या हिरण्ड, (2) देवरैण्य, (3) खोरिया, (4) जैथिया,