114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
और अब वे कनौजियों से विवाह नहीं करते। सामान्यतः सरवरियों के उप-विभाजन वैसे ही हैं, जैसे कि कनौजियों में पाए जाते हैं। अतः कनौजियों के उप-विभाजन का ब्यौरा काफी होगा। कान्यकुब्ज ब्राह्मणों की दस शाखाएं हैंः
( i ) मिश्र, ( ii ) शुक्ला, ( iii ) तिवारी, ( iv ) दुबे, ( v ) पाठक, ( vi ) पांडे,
( vii ) उपाध्याय, ( viii ) चौबे, ( ix ) दीक्षित, ( x ) वाजपेयी।
इनमें से प्रत्येक शाखा की अनेक उप-शाखाएं हैं।
मिश्र
मिश्रों की निम्न शाखाएं हैंः
(1) मधबनी, (2) चम्पारन, (3) पटलाल या पटलियाल, (4) रतनवाल,
(5) बंदोल, (6) मतोल या मातेवाल, (7) सामवेद के कटारिया, (8) वत्स
गोत्र के नागरिया, (9) वत्स गोत्र के पयासी (10) गना, (11) त्योंता या
तेवन्ता, (12) मार्जनी, (13) गुर्हा, (14) मर्करा, (15) जिगन्य, (16) पारायण,
(17) पेपरा, (18) अतर्व या अथर्व, (19) हथेपारा, (20) सुगंती, (21)
खेटा, (22) ग्रामबासी, (23) बिरहा, (24) कोसी, (25) केवती, (26) रेसी,
(27) भहाजिया, (28) बेलवा, (29) उसरेना, (30) कोडिया, (31)
तवकपुरी, (32) जिमालपुरी, (33) श्रृंगारपुरी, (34) सीतापुरी, (35) पुतावहा,
(36) सिराजपुरी, (37) भामपुरी, (38) तेरका, (39) दुधागौमी,
(40) रत्नापुरी, (41) सुन्हाला।
शुक्ला
शुक्लाओं की निम्न उप-शाखाएं हैंः
(1) दो ग्रामों के खखायिजखोर, (2) दो ग्रामों के मामखोर, (3) तिप्थी,
(4) भेदी, (5) बकारुआ, (6) कंजाही, (7) खंडाइल, (8) बेला, (9)
बांगे अवस्थी, (10) तेवरसी परभाकर, (11) मेहुलियार, (12) खरबहिया,
(13) चंदा, (14) गर्ग, (15) गौतमी, (16) पारस, (17) तारा, (18)
बरीखपुरी, (19) करयावा, (20) बजमदगढि़या, (21) पिचौरा, (22) मसौवा,
(23) सोन्थियान्वा, (24) औंकिन, (25) बिर, (26) गोपीनाथ।
तिवारी
तिवारियों की निम्न उप-शाखाएं हैंः
(1) लोनाखार, (2) लोनापार, (3) मुंजौना, (4) मंगराइच, (5) झुनाडिया,
(6) सोहगौरा, (7) तारा, (8) गोरखपुरिया, (9) दौराव, (10) पेंडी, (11) सिरजाम,