जातिप्रथा का अभिशाप
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(1) गौड़ अथवा केवल गौड़, (2) आदि-गौड़, (3) शुक्लावाला आदि-गौड़,
(4) ओझा, (5) सांध्य गौड़, (6) चिंगला, (7) खांडेवाला, (8) दायमिया,
(9) श्री-गौड़, (10) तम्बोली गौड़, (11) आदि-श्री गौड़, (12) गुर्जर गौड़,
(13) टेक बड़ा गौड़, (14) चामर गौड़, (15) हरियाणा गौड़, (16) किरतनिया
गौड़, (17) सुकुल गौड़।
4. उत्कल ब्राह्मण
उत्कल ब्राह्मण का प्राचीन भाग है। उत्कल ब्राह्मणों का अर्थ है, उड़ीसा के ब्राह्मण् ा। उनका विभाजन इस प्रकार हैः
(1) शशानी ब्राह्मण, (2) श्रोत्रिय ब्राह्मण, (3) पांडा ब्राह्मण, (4) घाटिया
ब्राह्मण, (5) महास्थान ब्राह्मण, (6) कलिंग ब्राह्मण।
‘शशानी’ ब्राह्मण की निम्न उप-शाखाएं हैंः
(1) सावंत, (2) मिश्रा, (3) नंदा, (4) पाटे, (5) कारा, (6) आचार्य,
(7) सत्पस्ती, (8) बेदी, (9) सेनापती, (10) पर्णाग्रही, (11) निशांक,
(12) रैनपती।
‘श्रोतिय’ ब्राह्मणों की चार उप-शाशाएं हैंः
(1) श्रोतिय, (2) सोनारबनी, (3) तेलि, (4) अग्रबक्सा।
5. मैथिल ब्राह्मण
मैथिल ब्राह्मणों का नाम मिथिला पर पड़ा है। मिथिला भारत का प्राचीन प्रदेश है। उसमें तिरहुत, सारन, पूर्णिया के आधुनिक जिलों का एक बड़ा भाग और नेपाल से सटे प्रदेशों के भाग भी शामिल हैं। मैथिल ब्राह्मणों की निम्नलिखित उप-शाखाएं हैंः
(1) ओझा, (2) ठाकुर, (3) मिश्रा, (4) पुरा, (5) श्रोत्रिय, (6) भूमिहार।
मिश्राओं की निम्नलिखित उप-शाखाएं हैंः
(1) चंधारी, (2) राय, (3) परिहस्त, (4) खान, (5) कुमर।
III
अन्य ब्राह्मण
पंच-द्रविड़ उन ब्राह्मणों का सामान्य नाम है, जो विंध्य पर्वतमाला के नीचे रहते हैं और पंच-गौड़ उन ब्राह्मणों का सामान्य नाम है, जो विंध्य पर्वतमाला के ऊपर रहते हैं। या यूं कहिए कि उत्तर के ब्राह्मणों का नाम पंच-गौड़ है और दक्षिण के ब्राह्मणों