116 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पूरा करें। परिपत्र (सर्कुलर) की योजना पर प्रांतीय सरकारों की सहमति मिल जाने पर योजना की घोषणा 14 दिसम्बर 1870 के विख्यात वित्तीय प्रस्ताव के माध्यम से की गई और यह भी कहा गया कि योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 1871-72 से प्रारंभ हो जाएगा।
अब हम इस प्रस्ताव द्वारा प्रांतीय बजट की संरचना के विश्लेषण की ओर बढ़ेंगे। सबसे पहले प्रांतीय बजट में खर्चो के प्रावधान पर नजर डालने पर यह स्पष्ट है कि उसमें निम्नलिखित केन्द्रीय सेवाओं पर आने वाले खर्चे शामिल हैंःµ
जेल
पंजीकरण
पुलिस
शिक्षा
चिकित्सा सेवाएं (चिकित्सा प्रतिष्ठानों के अतिरिक्त)
मुद्रण
सड़कें
सार्वजनिक सुधार कार्य
नागरिक भवन
प्रांतीय सरकारों के बजट में शामिल किए गए उपर्युक्त विभागों के खर्चों को पूरा करने के लिए आवश्यक राशि की पूर्ति भारत सरकार ने उन्हें सौंपी गई सेवाओं से होने वाली आय उन्हें देकर की और साथ ही बराबरी लाने के उद्देश्य से अतिरिक्त काम भी दिए। प्रांतीय सरकारों को सौंपी गई आमदनी और कार्यों का ब्यौरा निम्न प्रकार से हैःµ
14 दिसम्बर, 1870 के वित्तीय प्रस्ताव संख्या 3334 द्वारा प्रांतीय सरकारों के बजट में शामिल की गई सेवाओं के लिए दिए गए वितरण का ब्यौराःµ