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नियत बजट 119

अगर भारत सरकार ने आयकर की दर में कमी से हुए घाटे की पूर्ति के लिए प्रांतीय संसाधनों में कटौती के माध्यम से राहत की इच्छा ही की होती तो प्रांतीय सरकारों को उनके बजट में शामिल सेवाओं के खर्चों की पूर्ति के लिए उपरोक्त कुल नियतन ही प्राप्त होता। शुरुआत में राहत की राशि 1,000,000 पौंड थी जिसे घटा कर 350,000 पौंड कर दिया गया और विभिन्न प्रांतों के बीच कर लगाने योग्य दर से बांट दिया गया। इन कटौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रांतों को दिए गए स्थाई नियतन निम्न प्रकार हैंःµ

प्रांत आगामी नियतन कटौती का अनुपात स्थाई नियतन

पौंड पौंड पौंड अवध 222,459 15,511 206,948 सी.पी. 280,846 19,583 261,263 (सेंट्रल प्रोविंसेज)

बर्मा 275,332 19,199 275,332 बंगाल 1,256,183 87,591 1,168,592 उत्तरी पश्चिमी 688,822 48,030 640,792 प्रांत

पंजाब 554,914 38,693 516,221 मद्रास 794,916 55,428 739,488 बंबई 946,040 65,965 880,075 योग 5,010,512 350,000 4,688,711 पौंड को रुपये में बदलने के लिएःµ 1 पौंड = 10 रुपये।

इस योजना को लागू करने से पहले भारत सरकार ने प्रांतीय बजट में निम्नलिखित अतिरिक्त सेवाओं ख्1, को भी शामिल कर दियाःµ (1) बंगाल स्थित अफीम विभाग को छोड़ कर नागरिक विभाग में आने वाले सभी भवनों का रखरखाव तथा छुट-पुट निर्माण पर होने वाले खर्चे, बंगाल के निचले प्रांतों के बाहर स्थित विभाग और प्रेसीडेंसी शहरों में स्थित मेडिकल कालेजों, केन्द्रीय कारागारों, और पागलखानों के चिकित्सा अधिकारियों के वेतन, (2) मुफस्सिल में पागलखानों, कालेजों तथा केन्द्रीय कारागारों के चिकित्सा अधिकारियों को अतिरिक्त भत्ता, साथ ही जेल के प्रशासकीय कार्यों में लगे चिकित्सा अधिकारियों को अतिरिक्त भत्ते और (3) जिला स्तर पर

  1. 20 मार्च 1871 का वित्त विभाग का संकल्प संख्या 1659