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120 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

नागरिक चिकित्सीय कार्यों के इतर कार्यों में लगे उपसहायक शल्य चिकित्सकों तथा अन्य सभी निचले स्तर के चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर खर्च जैसी चिकित्सा सेवाएं। इन अंतरणों के साथ-साथ भारत ने कलकत्ता विश्वविद्यालय को प्रांतीय बजट से निकाल कर साम्राज्यवादी बजट में डाल दिया। ख्1, सरकारी पोस्टेज ख्2, और बंगाल पुलिस ख्3, पर होने वाले खर्चे के संशोधन तथा उपरोक्त सेवाओं में बढ़त एवं घटत की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रांतीय सरकारों को मिलने वाले वर्ष 1871-72 के लिए साम्राज्यवादी नियतनों को आगे फिर इस तरह से बदल दिया गया जैसा कि पृ. 123 में दिखाया गया है।

सन् 1871-72 के वित्तीय वर्ष के लिए इन विवरणों के अलावा भारत सरकार ने स्थानीय सरकारों को वर्ष 1870-71 में 200,000 पौंड की विशेष राहत राशि दी ताकि प्रांतीय सरकारें उस योजना को सफलतापूर्वक लागू कर सकें और एक सही शुरुआत कर सकें।

संख्या के हिसाब लगाने पर अनेक प्रांतीय सरकारों के पास वर्ष 1871-72 में उनके बजट में शामिल किए गए खर्चो की पूर्ति के लिए निम्नलिखित संसाधन थे ख्4, ःµ प्रांतीय बजट के लिए साम्राज्यवादी साम्राज्यवादी कोष योग संसाधन सरकार द्वारा से नियतन

सौंपी गई प्राप्तियां

पौंड पौंड पौंड अवध 14,700 211,300 226,000 सी.पी. 24,000 269,600 293,000 (सेंट्रल प्रोविंसेज)

बर्मा 28,600 276,500 305,100 बंगाल 264,800 1,197,900 1,462,700 उत्तर पश्चिमी प्रांत 110,000 635,000 745,000 पंजाब 67,400 528,800 596,200 मद्रास 81,890 752,300 834,100 बंबई 55,300 901,200 956,500

  1. सचिव द्वारा भारत सरकार को लिखा गया पत्र, वित्त विभाग न. 1683, दिनांक 21 मार्च 1871।

  2. 20 मार्च, 1871 का वित्त विभाग का सकल्प संख्या 1659

  3. 20 मार्च, 1871 का वित्त विभाग का संकल्प संख्या 1857

  4. वर्ष 1871-72 का वित्तीय वक्तव्य