6 सांझा राजस्व बजट - Page 175

160 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जो मदें तृतीय श्रेणी में सम्मिलित की गई थी उन्हें शाही (साम्राज्यवादी) और प्रांतीय सरकारों के मध्य, प्रथम को 5/6 तथा दूसरे को 1/6 के अनुपात में विभाजित किया गया था। सम्पूर्ति के इस सिद्धान्त को अपनाकर दूसरे प्रांतों की अपेक्षा बर्मा ने लोचनीय चरित्र की धनराशि प्राप्त की, यद्यपि सहभागिता निश्चित रही, एक वर्ष में जो धनराशि प्राप्त की, उसमें सकल निर्दिष्ट अथवा सांझा राजस्व प्राप्ति के अंतर से भिन्नता थी। वास्तव में यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता था कि बर्मा के नियंत्रण में जो राजंस्व है वह उसका इस्तेमाल किस प्रकार करता हैं लेकिन यदि उसने, दूसरे प्रांतों से भिन्न अपने कर्त्तव्य का यथोचित पालन किया है तो उसकी मेहनत अपुरस्कृत नहीं जाएगी। सांझा राजस्व का यही सिद्धांत असम प्रांत पर भी लागू किया गया जो कि अब तक सन् 1871 के पुराने आधार पर चल रहा था। यद्यपि उस प्रांत के साथ बर्मा के पश्चात् जो समझौता हुआ उसे लागू किया गया था, लेकिन प्रांतीय बजट को संतुलित करने के लिए सांझा राजस्व के सिद्धांत को उत्साहवर्धक तरीके से नहीं अपनाया गया था। इस सिद्धांन्त के उत्तरोत्तर व्यवहार में जो व्यवधान आया उसमें भारत सरकार की किसी भी अनिच्छा के दर्शन नहीं होते, परन्तु इसका मुख्य कारण मामले की आवश्यकता को जाता है।

जैसा कि विचार था कि इस प्रांत का बंगाल में विलय कर दिया जाय लेकिन असम का प्रांतीय बजट तैयार किया गया, जैसा कि बंगाल का निर्धारित हुआ, ताकि उनके वित्तीय संयोजन उतने ही आसान हों जितने प्रशासनिक। इस प्रकार राजस्व और व्यय के लेखे जो सन् 1877 से बंगाल में प्रांतीय थे, सन् 1879 में असम में भी प्रांतीय बना दिए गए, विधि अधिकारियों समेत, जो कि अस्थायी कारणों से बंगाल में साम्राज्यवादी निर्धारित किए गए थे। लागू किये गये नये सिद्धांत के अंतर्गत एक ही बिन्दु पर समानता मिली, वह था असम में भू-राजस्व को संयुक्त शीर्ष में रखना जिस पर साम्राज्यवादी और प्रांतीय सरकारों की कुल प्राप्ति में भागीदारी पांचवें में चौथाई हिस्से की प्रथम के लिए और दूसरे के लिए पांचवें में एक हिस्से की थी। ख्1,

इन दो प्रांतों में नए बंदोबस्त के अंतर्गत लाभदायी परिणाम निम्न तुलनात्मक तालिका में बड़ी आसानी से देखे जा सकते हैं जिन्हें उनके बजट अनुमानों में पुराने आधार पर तैयार किया गया था और नए आधार पर पुनरीक्षित किया गया थाःµ

  1. वित्त विभाग संकल्प 1598, दिनांक 17 अप्रैल, 1879