सांझा राजस्व बजट
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(1) (2) (3)
पूर्वी बंगाल, प्रान्तीयकरण किया गया -540,000
व्यय बढ़ा हुआ/घटा हुआ शुद्ध लाभ
भूराजस्व सर्वेक्षण और बंदोबस्त का सम्पूर्ण 145,000
प्रांतीयकरण
नमक (बंबई में) साम्राज्यवादी कर दिया गया -90,000
सीमा शुल्क (बंबई में) साम्राज्यवादी कर दिया गया -50,000
राज्य रेलवे
परिचालन व्ययःµ
प्रांतीय किया गया 305,000 395,00
साम्राज्यवादी किया गया 215,000
ब्याज प्रांतीयकरण किया गया -70,000
साम्राज्यवादी किया गया -65,000
सिंचाई प्रांतीय की गईµबंगाल 65,000
प्रांतीय की गईµमद्रास 230,000
पुनश्चः लेखे की छोटी मदें अगणनीय 20,000
साम्राज्यवादी कोष को यह शुद्ध लाभ हो जाता यदि इसने बर्मा को 10,000 पौंड की धनराशि प्रदान की होती। इस प्रकार शुद्ध लाभ 530,100 पौंड प्रतिवर्ष की दर से कम हो गया।
सन् 1887-92 की अवधि के प्रांतीय वित्त की स्थिति का निर्णय निम्नलिखित तालिका से किया जाना चाहिए जो विभिन्न प्रांतों के वार्षिक लाभ या घाटे को दर्शाती हैःµ
प्रांत वार्षिक लाभ और घाटा
1887-88 1888-89 1889-90 1890-91 1891-92
रु. रु. रु. रु. रु. सी.पी. 13,148 22,583 -12,322 -31,573 17,540 बर्मा 77,088 11,560 64,072 106,216 50,598 असम 7,751 26,343 20,090 -17,871 31,185 बंगाल 131,007 -65,792 102,157 -120,377 -11,934 उत्तर पश्चिम प्रांत -53,900 45,949 102,710 -12,544 -4,399 पंजाब 12,446 32,142 29,264 31,367 -1,719 मद्रास 105,371 113,932 144,571 -136,739 -241,779 बंबई -24,574 18,322 41,361 -123,887 -53,189 भारत सरकार के वार्षिक वित्त और राजस्व लेखे रो संकलित