310 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इस प्रकार भारत में शासन के लिए केन्द्रीय और प्रांतीय क्षेत्रों को अलग-अलग किया जाता है। इस प्रकार के प्रशासकीय और वित्तीय मामलों का विभाजन करना भारतीय राजनीतिज्ञों और राजनेताओं का स्वप्न था। विकेन्द्रीकरण के संबंध में रायल कमीशन से पूर्व इस बात पर जोर दिया गया और स्वर्गीय श्री गोखले ने अपनी उस राजनीतिक वसीयत में इस बात पर जोर दिया जो उन्होंने अपने निधन से पूर्व लिखी थी। परन्तु ये सभी परियोजनाएं गलत समय पर बनाई गईं और इन्हें उस समय तक प्रभावी नहीं बनाया जा सका जब तक भारतीय संविधान के कानून में परिवर्तन न किया गया। अब यह परिवर्तन कर लिया गया है अतः प्रांतीय स्वायत्तता का आदर्श वास्तविक हो जाता है। परन्तु इस विषय में अध्ययन समाप्त करने से पूर्व यह उपयोगी होगा कि इसके सफलतापूर्वक कार्य में किए गए परिवर्तनों का मूल्यांकन किया जाए।