32 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
एकत्रित की गई थी तो उनकी आगामी वर्ष के दौरान होने वाली दयनीय स्थिति को ध्यान कर वह कांप उठे क्योंकि सरकार की मांग बहुत कठोर थी कि कुछ निश्चित धनराशि वसूल करनी ही चाहिए।’’
अन्तर्देशीय परिवहन करों पर विचार बाद में तब किया जाएगा जब हम कंपनी शासन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था पर विचार करेंगे।
कराधान के दबाव के प्रभाव की तुलना में लोगों की आय के बारे में हमारे पास बहुत कम जानकारी है।
कराधान से आय की तुलना करने के अलावा कराधान के दबाव या प्रभाव का कोई स्पष्ट विवेचन प्रस्तुत नहीं किया जा सकता लेकिन लोगों की आय के बारे में हमारी जानकारी बहुत कम है। मुनरो के अनुसार एक कृषि मजदूर की औसत आय 4 शिलिंग से 6 शिलिंग मासिक के बीच थी, जबकि प्रति व्यक्ति जीवन निर्वाह लागत 18 शिलिंग से 27 शिलिंग प्रति वर्ष थी। कर का क्या प्रभाव था इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। परिस्थिति साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि यह बहुत अधिक था।
IV
श्री मार्टिन संपूर्ण वित्तीय इतिहास को अत्यंत प्रभावपूर्ण ढंग से इस प्रकार प्रस्तुत करते हैंµ
‘‘क्लाइव द्वारा समृद्धि की आकांक्षाएं, जिनमें कंपनी का राजक्षेत्र हस्तगत (वृद्धि) करना भी सन्निहित है पूरी नहीं हो पाई और उस समय जब बिहार व बंगाल की दीवानी कंपनी को दी गई तथा बाद के अवसरों पर भी यह देखा गया कि राजस्व में वृद्धि व्यय के अनुपात में बहुत अधिक थी अर्थात् यूरोपियनों द्वारा सरकारी खर्चें, प्रत्येक प्रेसीडेंसी में मौजूदा सेना में वृद्धि व अवैध खर्चों के स्रोत, पूर्वानुमानित अधिशेष को समाप्त कर देना तथा देश के साधनों के विकास के लिए भी अधिशेष को छोड़ना अथवा सड़कों, नहरों के रखरखाव तथा देशी शासकों द्वारा निर्मित अन्य सार्वजनिक निर्माणों के लिए भी शेष न छोड़ना मुख्य थे।’’
बड़ा आश्चर्य है कि कंपनी के वित्तीय मामलों का बड़े गलत तरीके से प्रबंध किया गया। उस समय के एक लेखक का कहना है कि ‘‘सेना के सभी अधिकारी ब्रिटिश सैनिक थे जो यूरोपीय रणनीति के अनुसार सेना का कपट पूर्ण प्रबंध करते थे। अंग्रेजी कानून की भावना हमारे न्याय क्षेत्र में भी फैल गई, हमारे राजस्व पर कर निर्धारण की व्यवस्था एडम स्मिथ तथा उसके अनुयाइयों द्वारा निर्धारित सिद्धांतों पर आधारित है। केवल हमारी वित्त व्यवस्था ही भारतीय है। हमारे सैनिक जॉमिनी की रणनीति का अध्ययन करते हैं। हमारे नागरिक भी ब्लैकस्टोन एवं बेनथम तथा