6. विनिमय मानक की स्थिरता - Page 213

198 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

सारणी- XXX

रुपये में गिरावट की कीमत

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1894&95­
1895&96­
1896&97­
3]74]15]000­
3]05]91]000­
1]66]48]000­
78]02]000­
87]18]000­
48]95]000­
3]784]000­
4]938]000­
4]425]000­
490]01]000­
4]42]47]000­
2]59]38]000~~­ ~~
­11]91]86]000­

­
­7]945]733­
­

इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ऐसी स्थिति में रुपये की चरम स्थिरता में सरकार का विश्वास खत्म हो गया क्योंकि जैसा कि हम देखते हैं, अक्तूबर, 1896 में कौंसिल के वित्त सदस्य व्यक्तिगत रूप से इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि स्थिरता की दृष्टि से यही बेहतर होगा कि रुपये और स्वर्ण के बीच विनिमय साम्य के रूप में 16 पैंस के स्थान पर 15 पैंस कर दी जाए। ख्1, परंतु बाद में यह विचार छोड़ दिया गया क्योंकि रुपये में स्वर्ण के सममूल्य तक पहुंचने के चिह्न दिखाई देने लगे और ऐसा स्थापित सममूल्य से मूल्य ”ास होने के पूरे वर्ष बाद जनवरी 1898 में हुआ।

जनवरी 1898 और जनवरी 1917 के बीच रुपया स्वर्ण दर के मुकाबले दो बार गिरा। सन् 1907-8 में दूसरी बार विनिमय स्तर के अंतर्गत रुपयों की समता दर गड़बड़ा गई। बाजार में विनिमय की वास्तविक प्रचलित दरें इस प्रकार थींः-

  1. शिराजकृत इंडियन फाइनेंस एंड बैंकिंग पृष्ठ 168