अध्याय 4. शूद्र बनाम आर्य - Page 86

शूद्र बनाम आर्य

71

जेंदअवेस्था का यह प्रमाण वर्ण शब्द के विषय में कोई संदेह नहीं छोड़ता कि मूल रूप से इसका तात्पर्य आस्था से है और इसका रंग या रूप से कोइ्र रिश्ता नहीं है।

निष्कर्ष यह है कि पश्चिमी सिद्धांत की समीक्षा की जाए तो ऐसा प्रकट होता हैःµ

  1. वेदों में आर्य जाति का कोई संकेत नहीं है।

  2. भारत पर आर्य प्रजाति के आक्रमण का वेदों में कोई साक्ष्य नहीं मिलता कि आर्यों

ने भारत के आदिम निवासी समझे जाने वाले दास या दस्युओं को पराजित किया। 3. कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिलता कि आर्यों, दासों या दस्युओं में प्रजातीय भेद है। 4. वेदों से यह प्रमाणित नहीं होता कि आर्यों और दास दस्युओं के रंग में कोई अंतर

है।