11. क्या हिन्दू गोमांस कभी नहीं खाते थे? - Page 108

अध्याय 11

क्या हिंदू गोमांस कभी नहीं खाते थे?

इस प्रश्न के उत्तर में कि क्या हिन्दुओं ने कभी गोमांस खाया है प्रत्येक हिन्दू चाहे वह ब्राह्मण हो या अब्राह्मण यही उत्तर देगा नहीं, कभी नहीं। इस तरह से उसका कहना ठीक है। दीर्घकाल से कभी हिन्दू ने गोमांस नहीं खाया। यदि सवर्ण हिन्दू के उत्तर का यही भावार्थ है तो हमारा इससे कोई विवाद नहीं है। लेकिन जब पढ़े-लिखे ब्राह्मण यह कहते हैं कि हिन्दुओं ने कभी गोमांस नहीं खाया बल्कि वे गो को सदा ही पवित्र मानते रहे हैं और सदा से ही गोहत्या के विरोधी रहे हैं। यह स्वीकार करना कठिन है।

इस मत के पक्ष में कौन से प्रमाण हैं कि हिन्दुओं ने कभी गोमांस नहीं खाया और वे गोवध विरोधी थे?

ऋग्वेद में दो तरह के प्रमाण हैं जिन्हें आधार मानकर विश्वास किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रमाण में गो को अवध्य कहा ख्1, है। अवध्य का अर्थ है मारने योग्य नहीं। इससे यह अर्थ लिया जाता है कि यह गोहत्या निषेध आदेश है। और क्योंकि धर्म के मामले में वेद अंतिम प्रमाण है, इसलिए यह कहा जाता है कि गोमांस खाने की बात तो क्या आर्य गो की हत्या ही नहीं कर सकते थे। दूसरे प्रकार के प्रमाणों में गो को पवित्र कहा गया ख्2, है। इन मन्त्रों में गो को रूद्रों की माता, वसुओं की पुत्री, आदित्यों की बहन और अमृत का केन्द्र-बिन्दु कहा गया है ऋग्वेद में एक और उल्लेख है जहां गो को देवी कहा गया है।

ब्राह्मण और सूत्र ग्रंथों के कुछ वाक्यों को भी आधार माना जाता है। शतपथ ब्राह्मण में दो स्थल ऐसे हैं जिनका गो हत्या और गो मांसाहार से संबंध है। एक 3.1-2.21 इस प्रकार हैःµ

फ्वह (अध्वर्यु) तब उसे मण्डप में प्रविष्ट कराता है। उसे गो अथवा बैल का मांस नहीं खाना चाहिए, क्योंकि पृथ्वी पर जितनी चीजें हैं, निस्संदेह गो और बैल

  1. देखिए ऋग्वेद ऋचा 1-164_ 27_ 4-1.6_ 5-82.8_ 7-69.71_ 10.87

  2. ऋग्वेद 6-28-1.8, 8-101.15