3. अधःपतन से मुक्ति - Page 44

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अध्यायः 4

एकता का विघटन

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हिन्दुओं को एकता के विध्वंस की शिकायत करने से पूर्व उन्हें इस बारे में सुनश्चित होना चाहिए कि जिस एकता पर वे जोर दे रहे हैं वह विद्यमान भी है या नहीं। पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच क्या एकता है?

जो हिंदू एकता के हामी हैं वे मुख्यतः इस तथ्य पर भरोसा करते हैं कि जिन क्षेत्रों को मुसलमान भारत से पृथक करना चाहते हैं, वे सदैव भारत का अंग रहे हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से निश्चय ही यह सत्य है। यह क्षेत्र उस समय भारत का अंग था जब चंद्रगुप्त भारत के शासक थे, जब चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग ने अपनी डायरी में यह उल्लेख किया था कि भारत पांच विभागों में विभाजित था। यदि उनकी भाषा में ही कहा जाए तो यहां पांच इंडीज थेऽ - 1. उत्तरी भारत, 2. पश्चिमी भारत, 3. मध्य भारत, 4. पूर्वी भारत, 5. दक्षिणी भारत_ और इन पांचों विभागों में 80 रियासतें थीं। ह्वेनसांग के अनुसार उत्तरी भारत में पंजाब था, जिसमें कश्मीर और उसके आसपास के पहाड़ी राज्य तथा सिंध-पार का समस्त पूर्वी अफगानिस्तान शामिल था और सरस्वती नदी के पश्चिम तक के वर्तमान सिस-सतलज राज्य शामिल थे। इसी तरह उत्तरी भारत में काबुल, जलालाबाद, पेशावर, गजनी और बन्नू के जिले शामिल थे, जिन पर कपिसा के शासक का शासन था, जो हिंदू क्षत्रिय था और जिसकी राजधानी संभवतः काबुल से 27 मील दूर स्थित चारीकार थी।

खास पंजाब में तक्षशिला के पर्वतीय जिले सिंहपुरा, उरासा, पुंछ और राजौरी शामिल थे और कश्मीर के राजा के शासन में थे_ जबकि सारा मैदानी क्षेत्र, जिसमें मुलतान और शोरकोट शामिल थे, लाहौर के समीप बर्फी अथवा संगला के शासक के अधीन

ऽ कनिंघम की एनसिएंट ज्यॉग्राफी ऑफ इंडिया (संपा. मजूमदार) पृ. 13-14. पुराणों के लेखकों ने भारत

को नौ भागों में विभाजित किया था।