परिशिष्ट - Page 489

480 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

हस्ताक्षर करने के लिए विचार-विमर्श_ इस संधि में ब्रिटेन से भारत के हाथों उत्तरदायित्व के संपूर्ण अंतरण से उद्भूत सभी आवश्यक मामले सम्मिलित होंगे_ इसमें महामहिम की सरकार द्वारा जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए की गई घोषणाओं के अनुरूप प्रावधान किए जाएंगे_ परंतु इसमें ब्रिटिश कॉमनवेल्थ के अन्य सदस्य देशों के साथ इसके भावी संबंधों का निर्णय लेने में भारत संघ के अधिकार पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं किया जाएगा। कोई भारतीय राज्य संविधान का पालन करने का इच्छुक है या नहीं_ इसके लिए जहां तक नई स्थिति का संबंध है, इसकी संधि-व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए विचार-विमर्श करना आवश्यक होगा।

(घ) जब तक युद्ध-कार्य की समाप्ति से पहले प्रमुख संप्रदायों के भारतीय अभिमत के नेता किसी अन्य गठन पर सहमत न हों, संविधान-निर्माता निकाय में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे,

प्रांतीय निर्वाचनों का परिणाम आने के तत्काल बाद, जो युद्ध समाप्ति के बाद आवश्यक होंगे, प्रांतीय विधानमंडलों के लोअर हाउस के सभी सदस्य एकल निर्वाचन-मंडल के रूप में प्रांतीय प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा संविधान-निर्माता निकाय का चुनाव करेंगे। नए निकाय की सदस्य-संख्या निर्वाचन-मंडल की सदस्य संख्या का दसवां भाग होगी।

भारतीय राज्यों को उनकी कुल जनसंख्या के समान अनुपात में प्रतिनिधियों की नियुक्ति के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जैसा कि संपूर्ण ब्रिटिश भारत के प्रतिनिधियों के मामले में है और उन्हें ब्रिटिश भारतीय सदस्यों के समान अधिकार प्राप्त होंगे।

(घ) इस निर्णायक अवधि में, जिसका अब भारत सामना कर रहा है और जब तक नया संविधान तैयार नहीं हो जात, महामहिम की सरकार को भारत की प्रतिरक्षा के नियंत्रण और निर्देशन के उत्तरदायित्व को अपने विश्वयुद्ध-प्रयास के भाग के रूप में अनिवार्यतः निर्वहन करना होगा, परंतु भारत के संपूर्ण सैन्य, नैतिक और भौतिक संसाधनों को जुटाने के कार्य का उत्तरदायित्व भारत के लोगों के सहयोग से भारत सरकार का ही होगा। महामहिम की सरकार की यह इच्छा है, और वह भारतीयों के प्रमुख वर्गों के नेताओं को उनके देश, राष्ट्रमंडल और संयुक्त राष्ट्र के बारे में उनकी राय देने के लिए तत्काल और प्रभावी सहभागिता का आमंत्रण देती है। इस प्रकार वह भारत की भावी स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण और आवश्यक कार्य को पूरा करने में अपनी सक्रिय और रचनात्मक सहायता उपलब्ध करा सकेगी।