परिशिष्ट - 25
क्रिप्स प्रस्ताव
29 मार्च, 1941 को प्रकाशित
भारतीय नेताओं के साथ चर्चा हेतु प्रारूप-घोषणा
महामहिम की सरकार ने इस देश और भारत में भारत के भविष्य के बारे में दिए गए आश्वासनों की पूर्ति के बारे में व्यक्त की गई चिंताओं पर विचार किया और भारत में शीघ्रातिशीघ्र स्वशासन स्थापित करने के लिए उठाए जाने वाले प्रस्तावित कदमों को निश्चित और स्पष्ट शब्दों में निर्धारित करने का निर्णय लिया। इनका उद्देश्य नए भारतीय संघ का सृजन करना है, जो क्राउन के प्रति समान रूप से निष्ठावान हो और जो ब्रिटेन तथा अन्य देशों के साथ सहयोजित एक प्रभुत्व का निर्माण करेगा, परंतु सभी प्रकार से उनके समकक्ष होगा और किसी भी प्रकार से अपने घरेलू या विदेशी मामलों में अधीस्थ नहीं होगा।
अतः महामहिम की सरकार निम्नलिखित घोषणाएं करती है -
(क) युद्ध-कार्य के रुकने के तत्काल बाद भारत में एक निर्वाचित निकाय, जिसे
भारत का नया संविधान बनाने का कार्य सौंपा जाएगा, कि स्थापना करने
के लिए कदम उठाए जाएंगे, जिसकी विधि इसमें इसके बाद बताई गई है।
(ख) संविधान निर्माता निकाय में भारतीय राज्यों की भागीदारी के लिए निम्नांकित
उपबंध किए जाएंगे।
(ग) महामहिम की सरकार इस प्रकार तैयार किए गए संविधान को निम्नलिखित
के तहत तुरंत स्वीकार करने और क्रियान्वित करने की घोषणा करती है -
( I ) ब्रिटिश भारत का कोई प्रांत, जो नए संविधान को स्वीकार करने के लिए
तैयार न हो और अपनी वर्तमान संवैधानिक स्थिति बनाए रखना चाहता हो,
यदि वह ऐसा निर्णय ले, तो इसके उत्तरवर्ती दर्जे के लिए प्रावधान किए
जाएंगे।
यह स्वीकार न करने वाले प्रांतों के साथ, यदि वे ऐसी इच्छा व्यक्त करते हैं, महामहिम की सरकार जैसा भारत संघ और नीचे निर्धारित प्रक्रिया के द्वारा निश्चित किया जाएगा, उन्हें वैसा समान दर्जा देने वाले नए संविधान से सहमत होगी।
( II ) महामहिम की सरकार और संविधान निर्माता निकाय के बीच किसी संधि पर