अध्यायः 1
अनोखी घटना
फ्कांग्रेस ने अस्पृश्यों की ओर ध्यान दिया।य्
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वर्ष 1917 में आयोजित कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में एक अनोखी घटना हुई। उस अधिवेशन में कांग्रेस ने निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किया-
फ्कांग्रेस का भारत की जनता से अनुरोध है कि भारत के दलित वर्गों पर
जो रूढि़गत अयोग्यताएं लगाई हुई हैं, उन्हें हटाने की आवश्यकता न्यायसंगत
है क्योंकि ये अयोग्यताएं अत्यन्त अमानुषिक और दमनकारी हैं जिस कारण
इन्हें बहुत अधिक कठिनाइयां एवं असुविधाएं सहनी पड़ती हैं।य्
इस अधिवेशन की अध्यक्षा श्रीमती एनी बेसेंट थीं। मद्रास के श्री जी.ए. नतेशन ने यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया था और बम्बई के सर्वश्री भूलाभाई देसाई, मालाबार के रामा अय्यर तथा दिल्ली के आसफ अली ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए श्री नतेशन ने कहा µ
देवियों और सज्जनों, इस विषय पर वर्षों से विचार विमर्श होता रहा है,
लेकिन कांग्रेस के विशिष्ट स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विषय समिति ने
भारत के लिए स्वायत्त शासन बनने की योजना के बाद हमने अपने आप
से प्रश्न किया कि स्वायत्त शासन के कठिन कार्य को हमें स्वयं पूरा करना
चाहिए। सर्वप्रथम इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए हमें यह देखना
है कि हर प्रकार की विषमता और अन्याय को दूर किया जाए। इस प्रस्ताव
के अनुसार विशेष तौर पर आपको अत्यन्त कष्टकारी और दमनकारी किस्म
की असमर्थताओं का निवारण करना है। मैं समझता हूं कि आपकी धार्मिक