228 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
स्वराज्य मिला और कांग्रेस को प्रांतीय स्वायत्तता मिली, तो कांग्रेस ने निर्लज्ज होकर शासक वर्ग को ही शासन के उच्च पदों पर बिठाया।
तालिका 18
प्रांतीय विधानसभाओं में जातियों के
आधार पर कांग्रेस सदस्यों का वर्गीकरण
| Col1 | czkã.k | xSj&czkã.k | vuqlwfpr tkfr;ka | vof.kZr | ;ksx |
|---|---|---|---|---|---|
| vle caxky fcgkj eè; izkar eækl mM+hlk la;qDr izkar |
6 15 31 28 38 11 39 |
21 27 39 35 90 20 54 |
1 6 16 7 26 5 16 |
5 6 12 & 5 & 24 |
33 54 98 70 159 36 133 |
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि कांग्रेस ने सत्ता के स्थान पर ब्राह्मण शासक वर्ग को ही बिठाया था। कांग्रेस ने इससे भी बढ़कर और कार्य किया। जब तक कि संपूर्ण तथ्य न सामने आएं कोई आसानी से विश्वास न करेगा कि कांग्रेस ने वास्तव में क्या किया? कांग्रेस हाई कमान ने उम्मीदवारों के चुनावों के लिए, जो नीति निर्धारित की थी और उसके अनुसार उच्चतम श्रेणी की शैक्षिक योग्यता प्राप्त ब्राह्मण को प्राथमिकता देना गैर-ब्राह्मण तथा अनुसूचित जातियों के उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती थी, जो कम से कम योग्यता प्राप्त हों। जिन्हें इस तथ्य में कोई संदेह हो वे कृपया तालिका 22 देखें।
यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ब्राह्मणों के मामलों में स्नातक तथा गैर स्नातक के अनुपात में, जो असमान अंतर था वह गैर-ब्राह्मण तथा अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों की अपेक्षा कहीं अधिक था। स्नातक होने, न होने के अंतर की बात से सही स्थिति स्पष्ट नहीं होती। वास्तव में ब्राह्मण स्नातक विशेष योग्यता प्राप्त राजनीतिज्ञ होते थे, जबकि गैर-ब्राह्मण स्नातक साधारण श्रेणी के थे और द्वितीय श्रेणी के राजनीतिज्ञ हैं। उन्हीं की उम्मीदवारी के लिए संस्तुति की गई थी।