परिशिष्ट
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परिशिष्ट 16
वेवल योजना
श्वेत-पत्र जिसमें भारत सरकार से संबंधित ब्रिटिश सरकार के प्रस्ताव का
उल्लेख था और भारत सचिव द्वारा दिनांक 14 जून, 1945 को संसद के
समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
फील्ड मार्शल विस्कांउट वेवल के भारत भ्रमण के दौरान (ब्रिटिश सरकार से) बहुत सी समस्याओं का अध्ययन किया और उन पर वाद-विवाद कियाµमुख्यतः भारत की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई।
सदस्यगण जानते होंगे कि मार्च 1942 में जब से भारत के लिए ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की है, भारतीय संवैधानिक समस्या के हल करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई।
जैसा कि उस समय कहा गया था कि भारत की नवीन संवैधानिक व्यवस्था का निर्माण करना ऐसी समस्या है जिसे केवल भारतीयों को स्वयं अपने आप में वहन करना है।
भारत के लिए नये संवैधानिक समझौते का हल निकालने में ब्रिटिश सरकार हमेशा भारतीयों की सहायता करने के लिए उत्सुक रही है, परन्तु इसे भारतीयों की इच्छा के विरुद्ध उन पर स्वायत्त शासन लागू करने में मतभेद हो सकता है। ऐसा करना संभव भी नहीं है। हम ऐसे समय में उन पर ऐसी जिम्मेदारी नहीं लाद सकते जबकि हम भारतीय मामलों से ब्रिटिश नियंत्रण हटा रहे हैं।
मुख्य संवैधानिक स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। मार्च 1942 को की गई घोषणा भी उसी स्थिति में है। ब्रिटिश सरकार अब भी आशा करती है कि भारत के राजनीतिक नेतागण ऐसे समझौते पर पहुंचेंगे, जिससे भारत की भावी और सुदृढ़ सरकार का गठन हो सके।
ब्रिटिश सरकार भारत की राजनीतिक गुत्थियों को सुलझाने के लिए सभी संभव योगदान करने की इच्छुक है। जब तक वह गुत्थी नहीं सुलझ जाती, तब तक राजनीतिक ही नहीं, वरन् सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति रुकी रहेगी।
जापान के विरुद्ध छिड़े युद्ध तथा युद्ध समाप्ति के बाद की योजना का बोझ भारतीय प्रशासन पर बहुत अधिक पड़ गया है, जिससे राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है।