वेवल योजना - Page 405

390 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. वह सब कुछ जो कृषि एवं औद्योगिक प्रगति के लिए भारत के किसानों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए नितांत आवश्यक है, तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि प्रत्येक समुदाय और वर्ग का खुले दिल से सहयोग नहीं मिलता।

  2. इसलिए ब्रिटिश सरकार ने विचार किया है कि वर्तमान संविधान के अंतर्गत इस अंतरिम समय में भारतवासी अपने भविष्य के संविधान की रचना के लिए, जो परामर्श देना चाहें वह दें, जिससे मुख्य समुदायों एवं पार्टियों में अधिक पारस्परिक सहयोग हो सके और वे एक दूसरे के अधिक नजदीक आ सकें और सम्पूर्ण भारतीवासियों को लाभ पहुंच सके।

  3. ब्रिटिश सरकार कोई ऐसा परिवर्तन नहीं लाना चाहती, जो भारत के प्रमुख समुदायों के हितों के विरुद्ध हो। परन्तु इस अंतरिम समय में ब्रिटिश सरकार यह चाहती है कि यदि भारत के प्रमुख दलों के नेतागण अपने परामर्श देने पर सहमत हो जाते हैं और जपान से जो युद्ध चल रहा है उसे सफलतापूर्वक समाप्त करने में उनका सहयोग मिल जाता है, तो ब्रिटिश सरकार इस दिशा में कुछ और कदम उठायेगी।

  4. इस उद्देश्य के लिए वायसराय की कार्यकारिणी के गठन में महत्वपूर्ण परिवर्तन किये जायेंगें। वर्तमान कानून में केवल 1933 के संविधान के नौवें परिच्छेद के अतिरिक्त बिना किसी प्रकार का परिवर्तन किये ऐसा करना संभव है। उस परिच्छेद में यह प्रावधान है कि वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य वे हों, जो कम से कम भारत में ब्रिटिश सरकार के शासन में 10 वर्ष सेवा कर चुके हों। मैं जो प्रावधान सदन में प्रस्तुत कर रहा हूं, उसके लिए भारतीयों की सहमति मिली हुई है। उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उस नौवें परिच्छेद में संशोधन करना होगा।

  5. यह प्रस्तावित किया जाता है कि एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन किया जाये और इसके लिए वायसराय भविष्य में कार्यकारिणी का गठन करने के लिए भारतीय राजनीतिक क्षेत्र के नेताओं में से प्रांतों तथा केन्द्रों में ऐसे अनुपात में उनके सदस्यों को नामजद करें, जिसमें प्रमुख समुदायों के प्रतिनिधित्व के साथ-साथ मुसलमानों तथा सवर्ण हिंदुओं के प्रतिनिधित्व में समानता बनी रहे।

  6. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वायसराय महत्वपूर्ण पार्टियों और प्रमुख भारतीय राजनीतिक नेताओं की अथवा उन नेताओं की, जो अभी हाल में प्रांतों में प्रधानमंत्री रह चुके हैं और इसके साथ-साथ जो विशेष अनुभव प्राप्त अधिकारी हैं, उनकी एक सभा बुलायेंगे उस सभा के सम्मुख वायसराय यह प्रस्ताव रखना चाहते हैं कि उपरोक्तानुसार सभा में निमंत्रित सदस्यों मे से वायसराय की काउंसिल के सदस्य नियुक्त किये जायेंगे। इसमें वायसराय सदस्य चुनने में स्वतंत्र होंगे, उन पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं होगा।