तुच्छ प्रदर्शन
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II
क्या कांग्रेस ने अस्पृश्योत्थान के कार्यक्रम को इसलिए त्याग दिया था कि उसके पास धन की कमी थी? बात ठीक इसके विपरीत थी। कांग्रेस ने 1921 में तिलक स्वराज फंड आरंभ किया था। कांग्रेस ने कितना धन एकत्र किया? तालिका-1 से इसका कुछ अनुमान मिल जाएगा। इस कोष में जनता ने एक करोड़ तीस लाख रुपए का चंदा दिया था। वह धन कांग्रेस के प्रचार के लिए एकत्र किया गया था तथा उसे कांग्रेस के रचनात्मक कार्यक्रम पर ही खर्च करना था जिसकी रूपरेखा कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा बारदौली में तैयार की गई थी। इतनी बड़ी धनराशि कांग्रेस ने कैसे खर्च की? वर्ष 1921, 1922 और 1923 के दौरान कार्यसमिति द्वारा स्वीकृत अनुदानों की सूची से यह अनुमान मिलता है कि यह धन किन प्रयोजनों पर खर्च किया गया था।
(क) वर्ष 1921 में स्वीकृत अनुदान ख्1,
(I) 31 जनवरी तथा 1, 2 और 3 फरवरी, 1921 को कलकत्ता में हुई बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा स्वीकृत अनुदान -
(1) वकालत का पेशा छोड़ने वाले और आवश्यकता पड़ने पर समर्थन देने
के लिए तैयार तैनात वकीलों की सहायता के लिए एक लाख रुपए महात्मा
गांधी को सुपुर्द किए। ( IV )
(2) श्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी से प्राप्त 31 जनवरी, 1921 के तार
को पढ़ें µ
फ्अफसोस है कि मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकता। तमिल, केरल और
कर्नाटक के कुछ भागों के लिए लगभग एक सौ पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं का
चयन किया गया है जिनमें 40 वकील हैं जिन्होंने अपनी वकालत बंद कर
दी है। तिलक फंड में धन एकत्र किए जाने तक 5,600 रुपए प्रति माह देने
की स्वीकृति दी जाए। विद्यार्थी आंदोलन जोर पकड़ रहा है यद्यपि समाचारपत्र
पूरी खबरें नहीं देते हैं। कम से कम दो महीने तक अभिभावकों के विरोध
का मुकाबला किया जाए। इसके लिए तीन हजार रुपए महीना निकाला जाए।
खिलाफत की प्रतियां जैसी सुविधाजनक मूल्य वर्ग की तिलक स्वराज फंड
की रसीदें कांग्रेस के नाम में जारी करने के लिए कमेटी अधिकारी को तुरंत
- प्रत्येक अनुदान के अंत में कोष्ठक में दी गई रोमन संख्या वर्विंQग कमेटी के उस प्रस्ताव को इंगित
करती है जिसके तहत यह अनुदान दिया गया था।