तुच्छ प्रदर्शन
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के श्री फूकन को 25,000 रुपए दिए गए। (IX)
(25) आंध्र के गुंटूर जिले में कृष्णापुरम के लिए 5,000 रुपए। (X) (26) आंध्र जातीय कलाशाला को अतिरिक्त अनुदान के रूप में 10,000
रुपए। (XI)
(27) राजामुंद्री डीप्रेस्ड क्लासेस मिशन को 1,000 रुपए। (XII) (28) अगलुर जातीय परिश्रमालयम के लिए 5,000 रुपए। (XII) (29) आंध्र में कोटारम के लिए 3,000 रुपए। (XIV)
(30) आंध्र प्रांतीय कांग्रेस कमेटी को सामान्य स्वदेशी कार्य के लिए 15,000
रुपए। (XV)
(31) मसुलीपट्टठ्ठम जिला कांग्रेस कमेटी को 3,000 रुपए। (XVI) (32) उत्कल प्रांतीय कांग्रेस कमेटी को सूत तथा खद्दर के लिए 30,000
रुपए। (XVII)
(33) थाना जिले में उन ताड़ी बनाने वालों की सहायतार्थ जो अपना पेशा
छोड़ देना चाहते थे, 3,000 रुपए। (XVIII)
(34) नागपुर तिलक विद्यालय को 5,000 रुपए। (XIX)
(35) नागपुर असहयोगाश्रम को 5,000 रुपए। (XX)
(36) अजमेर प्रांतीय कांग्रेस कमेटी को खद्दर तथा हथकरघा सूत का उत्पादन
बढ़ाने के लिए 25,000 रुपए। (XXI)
(37) यदि संभव हो तो गुजरात के लिए 18,00,000 रुपए तथा कम से
कम 10,00,000 रुपए हर हालत में। (XXII)
(38) श्री सी. राजगोपालाचारी को मालाबार में पीडि़तों की सहायतार्थ 40,000
रुपए। (XXIII)
(V) वर्विंQग कमेटी द्वारा अनुमोदित धनराशि। दिनांक 22 व 23 नवंबर, 1921 को बंबई में हुई अपनी बैठकों में वर्विंQग कमेटी द्वारा स्वीकृत अनुदान µ
(39) जाट एंग्लो संस्कृत हाईस्कूल, रोहतक, पंजाब को 10,000 रुपए।
(III)
(40) बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी को अकाल राहत तथा स्वदेशी कार्य के
लिए 25,000 रुपए। (III)
(41) मद्रास की मिलों से निकाले गए श्रमिकों के सहायतार्थ स्वदेशी कार्य
प्रदान करने के लिए सहायतार्थ 30,000 रुपए। (III)