नवम् अध्याय विदेशियों के लिए दलील दास्ता का दर्द बर्दास्त नहीं - Page 55

परिशिष्ट

नवम् अध्याय

विदेशियों के लिए दलील

दास्ता का दर्द बर्दास्त नहीं

I

सारी दुनिया जानती है कि कुछ अपवादों को छोड़ कर अधिकतर सभी विदेशी जो भारत के राजनैतिक मामलों में रूचि लेते हैं वे सभी कांग्रेस के पक्षधर हैं। यह मुश्किल बात है, जिससे देश की अन्य राजनैतिक पार्टियां - जैसे मुस्लिम लीग, जो मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती हैं, जस्टिस पार्टी जिसमें अब कोई जान नहीं है, जिसे गैर-ब्राह्मण दल के नाम से भी जाना जाता है और भारतीय परिगणित जाति संघ जो अछूतों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है, के लिए स्वभावतः से ही परेशानी पैदा हो गई है ओर वे सभी पार्टियां विदेशियों से समर्थन की अपील करती है परंतु विदेशी लोग उनकी अपील सहानुभूति के तौर पर भी सुनने को तैयार नहीं। विदेशी लोग कांग्रेस का समर्थन क्यों करते हैं और अन्य पार्टियों का क्यों नहीं। विदेशी लोग कांग्रेस का समर्थन क्यों करते हैं और अन्य पार्टियों का क्यों नहीं? विदेशियों ने अपने इस व्यवहार के दो कारण गिनाए। कांग्रेस को समर्थन देने का एक कारण यह है कि उनके विचार में भारतीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था केवल कांग्रेस हैं और वही संस्था भारत के नाम पर आवाज उठा रही है, यहां तक कि अछूतों के संदर्भ में भी। क्या उनकी सोच सही है?

यह मानना होगा कि ऐसी धारणा बनने के पीछे कुछ परिस्थितियां मौजूद है। पहली और प्रमुख परिस्थिति यह है कि भारतीय प्रेस द्वारा कांग्रेस के पक्ष में प्रोपेगंडा किया जाता है। भारत के समाचार-पत्र सें कांग्रेस की मिलीभगत है। उनका विश्वास है कि कांग्रेस कभी गलती नहीं कर सकती, प्रेस किसी ऐसी सूचना को छापना गंवारा