25. लार्ड पेथिक-लारेंस का श्री एटली को पत्र - Page 134

सत्ता हस्तान्तरण संबंधी महत्वपूर्ण पत्र-व्यवहार

119

वर्गो दोनों के ही अधिकारों को देखना है ताकि अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधियों के सम्मिलित किए जाने का प्रश्न पूर्वाग्रही न बने कि क्या वे अल्पसंख्यक हैं या नहीं। दूसरी ओर, इस बात की गारंटी नहीं है कि डॉक्टर अम्बेडकर अथवा कांग्रेस विरोधी अनुसूचित जातियों का कोई अन्य सदस्य समिति में स्थान पा सकेगा।

  1. मैं अभी भी यह महसूस करता हूं कि हम डॅाक्टर अम्बेडकर की सार्वजनिक घोषणा की मांग के उत्तर में इस बारे में कुछ भी कहने के लिए तैयार न हों कि 16 मई के मिशन के वक्तव्य के पैरा 20 के अर्थ के अनुसार अनुसूचित जातियां अल्पसंख्यक वर्ग है। यदि ऐसा किया जाता है तो निश्चय ही वह गांधी के साथ विवाद पैदा करना होगा जिसका परिणाम यह हो सकता है कि अनुसूचित जातियों को प्रदर्शन के रूप में सम्मिलित किए जाने पर कांग्रेस में विरोध होगा। यदि हमने यह नहीं भी कहा कि अनुसूचित जातियां अल्पसंख्यक है और यही कहा कि उन्हें समिति में सम्मिलित किया जाना चाहिए, तो हमारे वक्तव्य से एंग्लो-इंडियन और अन्य वर्गों के प्रश्न में इसी प्रकार का वक्तव्य देने की मांगे उठेंगी तथा उसे संविधान सभा के काम में हस्तक्षेप समझा जाएगा, और ऐसी स्थिति को न आने देने के लिए हम चिन्तित हैं। ऐसी कोई संभावना नहीं है कि इस प्रकार के वक्तव्य से कांग्रेस सलाहकार समिति में अनुसूचित जातियों से बेहतर बर्ताव करने के प्रयोजन से उन्हें अधिक स्थान देगी जो वह अन्यथा न देती। न ही इससे डॉक्टर अम्बेडकर को सहायता मिलेगी क्योंकि इसमें केवल अनुसूचित जातियों का उल्लेख होगा और उनमें कोई भेद नहीं होगा जो कांग्रेस का समर्थन करती है और जो कांग्रेस का समर्थन नहीं करती।

पेथिक लॉरेन्स

ऽ श्री एटली ने उस कार्यवाही-वृतांत पर यह लिखा

- ‘आगे कोई कार्रवाई नहीं।’ एटली पेपर्स, यूनिवर्सिटी कॉलेज, आक्सफोर्ड