25. लार्ड पेथिक-लारेंस का श्री एटली को पत्र - Page 133

118 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

  1. परंतु स्थिति यह है कि हमने सलाहकार समिति के गठन को संविधान सभा के हाथ में छोड़ दिया है और अब हम स्वयं यह उपबंध नहीं कर सकते। मैं नहीं सोचता कि हमें हाऊस को गुमराह करने के लिए दोषी ठहराया जा सकता है क्योंकि बोर्ड ऑफ ट्रेड के अध्यक्ष के 18 जुलाई के भाषण में स्थिति को स्पष्ट कर दिया गया था और इसके संगत पैरा को 3 सितम्बर के मेरे मिनट के साथ संलग्न कर दिया गया था।ऽ

  2. क्या अनुसूचित जातियां अलग राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रयोजन के लिए अल्पसंख्यक वर्ग का गठन करती हैं अथवा वे हिन्दुओं के साथ वर्गीकृत होती हैं, इसका एक दीर्घ इतिहास है और इस बारे में विवादास्पद स्थिति है। गांधी ने अपने जीवन में काफी समय तक दूसरे विचार का प्रयास किया है। परंतु जब मैंने अपने तीन सितबर के कार्यवाही-वृत्तांत के पैरा 4 में बताया था कि कांग्रेस अनुसूचित जातियों को अलग राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रयोजन के लिए अल्पसंख्यक वर्ग [@] नहीं मानती, तो मेरे मस्तिष्क में 25 जून को वायसराय को लिखे आजाद के पत्र का पैरा घूम रहा था (16 मई के हमारे वक्तव्य के कुछ सप्ताह बाद) जिसका डॉक्टर अम्बेडकर ने आपसे अपने दोनों पत्रों [#] में उल्लेख किया था। इस पत्र में आजाद ने लिखा था कि कांग्रेस ‘‘इस विचार का खंडन करती है कि अनुसूचित जातियां अल्पसंख्यक वर्ग की हैं और उन्हें हिन्दू समाज का अभिन्न अंग समझती है।’’ (सीएमडी 6861 के पृष्ठ 23 का दूसरा पैरा) इस वक्तव्य में श्री जिन्ना [†] को वायसराय के आश्वासन का संदर्भ दिया गया है कि वे अल्पसंख्यक वर्गों के प्रतिनिधियों को आवंटित सरकार में रिक्त स्थानों को भरने से पूर्व मुख्य पार्टियों से परामर्श करेंगे। यह बात पूर्णतया अस्वाभाविक नहीं थी कि कांग्रेस अनुसूचित जातियों को अपना ही उत्तरदायित्व माने तथा इस बात पर आपत्ति उठाए कि मुस्लिम लीग को अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व की नियुक्ति में कुछ कहने का अधिकार है।

  3. यह धारणा बनाने के लिए कोई ठोस तर्क नहीं है कि कांग्रेस सलाहकार समिति में पर्याप्त संख्या में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करने की इच्छा नहीं रखती। वह भारत और विदेश में आलोचना से बचना चाहेगी, और उसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि यथासंभव अधिक अनुपात में अनुसूचित जातियों को अपनी ओर मिलाए या उनसे समझौता करे, यदि किसी और प्रयोजन के लिए नहीं तो इसलिए कि वे मुस्लिम लीग के साथ न मिल जाएं। समिति को नागरिकों तथा अल्पसंख्यक

ऽ संख्या 250 (देखिए पृष्ठ 515-सम्पादक)

@ खंड VII, संख्या 603, (टान्सफर अॅाफ पॉवर)

# देखिए संख्या 105 और संख्या 142 के फुटनोट (ट्रांसफर ऑफ पॉवर)

† खंड VII संख्या 573 (टान्सफर अॅाफ पॉवर)