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प्रस्तावों की समीक्षा...........................
प्राथमिक चुनावों के परिणामों
का
विश्लेषण
ये निर्वाचन दिसम्बर, 1945 में भारत के प्रांतीय विधानमंडलों में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों के लिए अनुसूचित जातियों (अछूतों) में से उम्मीदवारों का चयन
करने के लिए (फरवरी, 1946 में भारत में हुए
सामान्य निर्वाचनों से पहले) हुए थे।
नोटः इस विश्लेषण में तालिकाएं सरकारी आंकड़ों से तैयार की गई हैं। प्रस्तावों की समीक्षा-