3. सर आर. लुमले का मार्केस ऑफ लिनलिथगो को पत्र - Page 65

50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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ऽसर आर. लुमले (बंबई) का मार्केस ऑफ

लिनलिथगो को पत्र (उद्धरण)

एमएसएस, ईयूआर/एफ 125/56

(गवर्नमेंट हाउस, बंबई, 24 अप्रैल, 1942)

गोपनीय

रिपोर्ट संख्या 104

1. सर स्टफोर्ड क्रिप्स मिशन के परिणाम पर प्रतिक्रियाएंः जैसा कि यहां सदैव होता है, सर स्टफोर्ड क्रिप्स की समझौता-वार्ता भंग हो जाने के संबंध में जनता की प्रतिक्रिया का सही ढंग से मूल्यांकन करना कठिन है। फिर भी, मुझे यह बताने में प्रसन्नता है कि मुझे कोई क्षति अथवा द्वेषपूर्ण भावना नजर नहीं आती, केवल एक अपवाद को छोड़कर जो मैं बाद में बताऊंगा। वास्तव में मैं कुछ ऐसा समझता हूं कि जैसी मैंने आशा की थी, यद्यपि वे प्रस्ताव असफल हो गए हैं, परंतु उनसे एक निश्चित लाभ भी हुआ है, विशेषकर उन क्षेत्रों के संबंध में जहां इससे पूर्व हमारे सबसे घोर विरोधी थे। एक मुखविर से जिसे मैंने प्रायः विश्वसनीय पाया है, मुझे यह ज्ञात हुआ है कि उन लोगों के मध्य अच्छी भावना है जिन्होंने हमारे अंतिम इरादों के बारे में संदेहों के भविष्यवाणी की थी। इस घोषणा के मसौदे ने उनमें से अधिकांश को संतुष्ट किया है। मैंने यह भी सुना है कि स्थानीय कांग्रेस मत गैर-संविलय के उपबंध को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार था और इसे अब तक किए गये प्रस्तावों में केवल मात्र समझा गया जिसमें ऐसी संभावनाएं थी कि भावी संविधान के बारे में विचार-विमर्श करने के लिए इसे मुलसमानों की स्वीकृति मिल जाएगी। यह कहा जाता है कि इस विचार को स्थानीय कांग्रेसी लोगों के मध्य काफी समर्थन प्राप्त हुआ, यद्यपि इसकी खुलकर घोषणा नहीं की गई और सभी राष्ट्रवादी समाचारपत्रों ने

ऽ द ट्रांसफर ऑफ पावर, खंड 1, संख्या 684, पृष्ठ 846-47,