9. मार्केस ऑफ लिनलिथगो का श्री एमेरी को तार - Page 84

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ऽमार्केस ऑफ लिनलिथगो का श्री एमेरी को तार

तार, एमएसएस, ईयूआर, एफ. 125/23

23 अक्तूबर, 1942

तत्काल

संख्या 47-क्यू.सी मेरा तार संख्या 46-क्यू.सी.

(क) परिषद के सदस्यों से प्राप्त तार इस प्रकार हैः

प्रारंभ- हमने बहुत आश्चर्य से वह वक्तव्य @ पढ़ा है जो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, हाऊस ऑफ कामन्स, द्वारा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ‘‘वर्तमान यूरोपीय सदस्यों को इसीलिए ही बने रहने दिया गया है कि भारत सरकार को इन स्थानों के लिए योग्य भारतीय खोजना कठिन कार्य है। यदि सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के वक्तव्य के बारे में दी गयी रिपोर्ट सही है तो हम पूरी तरह से उससे असहमत हैं। हमरी सुसम्मत राय है कि ऐसी कोई कठिनाई नहीं है कि भारत सरकार के किसी भी पद के लिए उपयुक्त भारतीयों का मिलना कठिन हो और हमें सेक्रेटरी ऑफ स्टेट को यह याद दिलाना है कि यदि कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने क्रिप्स के प्रस्ताव स्वीकार कर लिए होते तो आज केन्द्र में पूर्णतया भारत सरकार होती जिसे बहुत अधिकार होते। हमें यह भी कहना है कि यह वक्तव्य तथ्यों से बिल्कुल परे है और भारतीयों के प्रति अपमानजनक है और महामहिम से हमारी प्रार्थना है कि विचार सेक्रेटरी ऑफ स्टेट को बता दिए जाएं। हम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की इस घोषणा की ओर भी ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि वह इन परिस्थितियों में कांग्रेस नेताओं से मिलने के लिए तथा यह पूछने के लिए तैयार नहीं हैं कि क्या भारत सरकार के सदस्य भी इस नीति में

ऽ द ट्रान्सफर ऑफ पॉबर, खंड 3, संख्या 116, पृ 153 @ इस तार में उल्लिखित श्री एमेरी तथा लार्ड साइमन के वक्तव्यों के पाठ के लिए देखिए संख्या 119